वन प्रभाग रेनुकूट में वन महोत्सव का हुआ शुभारंभ सोनभद। वन प्रभाग रेणुकूट द्वारा “वन महोत्सव” कार्यक्रम जो कि प्रत्येक वर्ष एक जुलाई से सात…
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” प्राण सखा हे मेरे बंधु “
आज झड़ी की रात हुआ आगमन तुम्हारा है प्राण सखा हे मेरे बंधु ! रोता है आकाश हताश — सा नहीं नींद है नयनों में …
View More ” प्राण सखा हे मेरे बंधु “” स्वप्न भी छल, जागरण भी “
स्वप्न भी छल , जागरण भी भूत केवल जल्पना है, औ’ भविष्यत् कल्पना है, वर्तमान लकीर भ्रम की ! और है चौथी शरण भी …
View More ” स्वप्न भी छल, जागरण भी “” जोहता हूँ बाट रानी “
शीघ्र आओ प्रेम का न उलटे ठाठ रानी है असह्य वियोग बाले है निशा टलती न टाले करवटें लेते हुए — टूटी हमारी खाट रानी…
View More ” जोहता हूँ बाट रानी “” सुख — दुख “
सुख– दुख के मधुर मिलन से यह जीवन हो परिपूरन , फिर घन में ओझल हो शशि , फिर शशि से ओझल हो घन !…
View More ” सुख — दुख “” मुस्कराने के लिए “
मसखरा मशहूर है , आँसू बहाने के लिए बांटता है वो हंसी, सारे ज़माने के लिए ! घाव सबको मत दिखाओ, लोग …
View More ” मुस्कराने के लिए “” आशा का दीपक “
यह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है थक कर बैठे गये क्या भाई मंजिल दूर नहीं है चिंगारी बन गयी लहू…
View More ” आशा का दीपक ““क्षण भर को क्यों प्यार किया था ? “
क्षण भर को क्यों प्यार किया था ? अर्ध रात्रि में सहसा उठकर , पलक संपुटो में मदिरा भर तुमने क्यों मेरे चरणों में…
View More “क्षण भर को क्यों प्यार किया था ? “” प्रेम का मिलन “
मैं नदी हूँ, उसको दरिया बनना था, मेरे प्रेम का उसको ज़रिया बनना था , वो मेरे प्रेम का बांध बन गया, बांध नहीं बना …
View More ” प्रेम का मिलन “” ओ मतवाले ऐसे बरसो “
ओ मतवाले ऐसे बरसो धरती का यौवन मुसकाये सरस–सरस बूंदों से उतरो तरुवर खड़े बाँह फैलाये ! सावन में प्लावंन बन आये इतनी आतुरता न …
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