एक बूढ़ा कारपेंटर अपने काम के लिए बहुत मशाहूर् था ! उसके बनाये लकड़ी के घर दूर– दूर तक प्रसिद्ध थे ! लेकिन अब बूढ़ा…
View More ” बहुत बड़ी चूक “Author: YugVaibhav
” बच्चों पर सख्ती करने में पांच बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए”
आजकल की पैरेंटिंग में कहा जाता है कि बच्चों पर हाथ ना उठाएं ! उनको डांटे ना ! और यदि ऐसा करना ही पड़े तो…
View More ” बच्चों पर सख्ती करने में पांच बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए”” परमात्मा से मांगिये कम, उन्हें धन्यवाद ज्यादा दीजिये “
इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं कि हर मनुष्य में पशु के गुण भी छुपे हुए मौजूद रहते हैं ! उसके भीतर का छुपा हुआ जानवर कब,…
View More ” परमात्मा से मांगिये कम, उन्हें धन्यवाद ज्यादा दीजिये “” निर्भीक संपादक को अंग्रेजों ने बहुत यातनाएँ दीं “
” कर्मवीर ” समाचार पत्र के संपादक व स्वतंत्रता सेनानी पंडित माखनलाल चतुर्वेदी सामाजिक चेतना व आज़ादी की अलख जगाने के साथ ही भारतीय संस्कृति…
View More ” निर्भीक संपादक को अंग्रेजों ने बहुत यातनाएँ दीं “” जुगनू ने सारे बंदरों को हरा दिया “
एक जुगनू उड़ता हुआ जा रहा था ! रास्ते में उसे एक घमंडी बन्दर मिला ! दोनों ने एक दूसरे की कुशलता जानी ! बन्दर…
View More ” जुगनू ने सारे बंदरों को हरा दिया “” मनुष्य जीवन का सच्चा उद्देश्य क्या है ? “
धर्म और अध्यात्म की दुनिया में यह सवाल बहुत पूँछा जाता है कि मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य क्या है ? अब इसका उत्तर…
View More ” मनुष्य जीवन का सच्चा उद्देश्य क्या है ? “” महिलाओं के लिए उनके अपने पति और बच्चों से प्रिय कुछ भी नहीं “
बीजबर्ग जर्मनी का एक शहर है, जहाँ एक किले के ऊपर एक पुरानी मीनार है, जिसका नाम ‘ महिलाओं का विश्वास ‘ ( द फेथ…
View More ” महिलाओं के लिए उनके अपने पति और बच्चों से प्रिय कुछ भी नहीं “” संस्कारयुक्त बेटी, संस्कार शून्य पुत्रों से उत्तम है “
एक बार सन्त रामचंद्र के पास एक भक्त आया और बोला, ‘ महाराज, मेरे परिवार में पर्याप्त सुख है ! अपार धन संपत्ति है !…
View More ” संस्कारयुक्त बेटी, संस्कार शून्य पुत्रों से उत्तम है “” जीभ के अनूठे महत्व “
सिद्ध सन्त उड़िया बाबा नरौरा के पास गंगा तट पर एक कुटिया में रहकर ईश्वर की साधना किया करते थे ! एक दिन स्वामी अखंडानंद…
View More ” जीभ के अनूठे महत्व “” परिस्थितियों के अनुरूप अपने आप को ढाल लेना चाहिए “
एक व्यक्ति, महात्मा जी के पास आया और उसे अपना शिष्य बनाने की प्रार्थना की ! महात्मा जी ने उस व्यक्ति को एक गाय दी…
View More ” परिस्थितियों के अनुरूप अपने आप को ढाल लेना चाहिए “