” असली शिक्षा की पहचान “

एक बड़े शहर के व्यस्त बाजार में सुबह से ही चहल-पहल थी। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई थी। उसी समय एक चमचमाती लग्ज़री…

View More ” असली शिक्षा की पहचान “

” प्रतिशोध की अग्नि — भीष्म का पतन “

महाभारत के समय काशी नरेश ने अपनी तीन पुत्रियों—अंबा, अंबिका और अंबालिका—का स्वयंवर आयोजित किया। उसी समय हस्तिनापुर के महान योद्धा भीष्म अपने छोटे भाई…

View More ” प्रतिशोध की अग्नि — भीष्म का पतन “

” परमात्मा की लीला अपरम्पार “

बहुत समय पहले की बात है। वृंदावन धाम में श्रीकृष्ण के परम भक्त एक संत रहते थे। उनका जीवन अत्यंत सरल था। वे कभी भी…

View More ” परमात्मा की लीला अपरम्पार “

” छोटे सफर की बड़ी सीख “

महाभारत युद्ध समाप्त हो चुका था। एक दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ अर्जुन और भीम हस्तिनापुर से एक आश्रम की ओर जा रहे थे। रास्ता…

View More ” छोटे सफर की बड़ी सीख “

” कलाई का उपकार , चूड़ी का अभिमान “

एक बार की बात है। महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी प्रभु श्रीराम का भजन करते हुए एक नगर के व्यस्त बाज़ार से होकर गुजर रहे…

View More ” कलाई का उपकार , चूड़ी का अभिमान “