मूच्छंन का कीन्हे सफाचट्ट , मुँह पौडर औ सिर केश बड़े तहमद पहिरे कंबल ओढ़े , बाबू जी याकै रहैं खड़े हम कहा मेम…
View More ” ध्वाखा होइगा “Category: Uncategorized
” देव उठनी एकादशी “
देव उठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनि एकादशी या देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं ! यह शुभ दिन है जब भगवान् विष्णु अपनी चार महीने की योग…
View More ” देव उठनी एकादशी “” नज़ारे छूट जाते हैं “
मैं जब भी तेज़ चलता हूँ नज़ारे छूट जाते हैं ! कोई जब रूप गढ़ता है तो साँचे टूट …
View More ” नज़ारे छूट जाते हैं “” कहकर उसे बताना क्या ? “
प्यार किसी को करना लेकिन , कहकर उसे बताना क्या ! गुण का ग्राहक बनना लेकिन , गाकर उसे सुनाना क्या …
View More ” कहकर उसे बताना क्या ? “” आज तक हमसे न हमारी मुलाकात हुई “
आज तक हमसे न हमारी मुलाकात हुई , अब के सावन में ये शरारत मेरे साथ हुई ! अब के सावन में ये शरारत …
View More ” आज तक हमसे न हमारी मुलाकात हुई “” छठ पर्व का अंतिम दिन “
28 अक्टुबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का आज समापन हो गया ! इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास संपन्न…
View More ” छठ पर्व का अंतिम दिन “” अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ का तीसरा दिन संपन्न “
आज देश भर में लोक आस्था का महापर्व छठ का त्योहार मनाया जा रहा है ! हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व होता…
View More ” अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ का तीसरा दिन संपन्न “” छठ पूजा ( खरना )
छठ का महापर्व शुरू हो गया है ! छठ के पहले दिन नहाय खाय और दूसरे दिन खरना ( खरना ) होता है ! खरना…
View More ” छठ पूजा ( खरना )” छठ पूजा “
सूर्य देवता का है अर्चन , जो करता जीवन का अर्जन ! जिसके प्रकाश में सुख शान्ति …
View More ” छठ पूजा “” ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा ? “
ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा अंधेरों के अन्दर उतर जाऊँगा ! गिरी पत्तियाँ सारी सुखी हुई नये मौसमों में बिखर जाऊँगा ! अगर …
View More ” ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा ? “