28 अक्टुबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का आज समापन हो गया ! इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास संपन्न हो गया ! इस दिन व्रती महिलाएं सूर्योदय के समय जल में डुबकी लगाकर सूर्य को अर्घ्य देती हैं और अपने परिवार की सुख– समृद्धि, संतान की दीर्घायु और जीवन में ऊर्जा की कामना करती हैं !
सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात व्रत का पारण किया जाता है जिसमें प्रसाद के रूप में ठेकुआ, गुड़, केला, नारियल और मौसमी फल ग्रहण किये जाते हैं ! शास्त्रों के अनुसार सूर्य को अर्घ्य देने से व्यक्ति के जीवन में अनेक सकरात्मक परिवर्तन आते हैं ! इससे व्यक्ति के भाग्य का उदय होता है और जीवन में प्रगति के नये मार्ग खुलते हैं ! सूर्य की स्थिति मजबूत होने पर कार्य क्षेत्र, शिक्षा और सामाजिक जीवन में भी सफलता प्राप्त होती है ! यह भी मान्यता है कि सूर्य देव को अर्घ्य देने से योग्य जीवन साथी की प्राप्ति होती है !
—– राम कुमार दीक्षित, पत्रकार !
