किसी ने बिल्कुल सही कहा है कि सुख के युग पल में कट जाते हैं और दुख के पल युग जैसे लगते हैं ! जब…
View More ” सभी को समय का ध्यान अवश्य रखना चाहिए “Author: YugVaibhav
” भोजन संबंधी सत्संग सार ( दोपहर सत्र )
★रोगों की माँ है – शरद ऋतु ★खाने-पीने योग्य विशेष सावधानियाँ :- ★खट्टा और तीखा नहीं खाना है – पित्त होगी। ★( तड़के में)…
View More ” भोजन संबंधी सत्संग सार ( दोपहर सत्र )कैंसर रोकने में सोयाबीन का महत्व “
ब्रिटिश वैज्ञानिकों के अनुसार कैंसर से बचाव के लिए सोयाबीन प्रभावकारी सिद्ध हुआ है ! लंदन के किंग्स कॉलेज के डॉक्टर वाइजमन के अनुसार पूर्वी…
View More कैंसर रोकने में सोयाबीन का महत्व “” संत की जूती की ओर संकेत कर दिया “
एक बार गोस्वामी तुलसीदास जी भगवान् श्रीकृष्ण की लीला भूमि के दर्शन के लिए व वृंदावन पहुंचे ! वह श्री राम गुलेला नामक स्थान पर…
View More ” संत की जूती की ओर संकेत कर दिया ““आओ फिर से दिया जलायें “
भरी दुपहरी में अँधियारा सूरज परक्षाई से हारा, अंतरतम का नेह निचोडे, बुझी हुई बाती सुलगायें, आओ फिर से दिया जलाये ! हम पड़ाव …
View More “आओ फिर से दिया जलायें “” शोध की लगन जगाना बहुत महत्वपूर्ण है “
आयुर्वेद के ज्ञाता महर्षि चरक उन दिनों गुरुकुल में पढ़ते थे ! वन में जाकर औषधियों की खोजबीन करने का कार्य उनके पास था !…
View More ” शोध की लगन जगाना बहुत महत्वपूर्ण है “पत्रकार हित में कार्य प्रमुखता रहेगी -शांतनु विश्वास
” मुंशी प्रेमचंद की वाकपटुता ने मात किया “
एक बार मुंशी प्रेमचंद की कलम अपने वश में करने के लिए अंग्रेजी सत्ता के तत्कालीन गवर्नर ने मुंशी प्रेमचंद के पास “राय बहादुर ”…
View More ” मुंशी प्रेमचंद की वाकपटुता ने मात किया “” शांत रहने का सूत्र “
यूनानी विचारक डायोजनीज अपना ज्यादातर समय घूमने–फिरने में बिताया करते थे ! वे सुकरात के शिष्य थे और उन्हीं की तरह लोगोँ की समस्यायों का…
View More ” शांत रहने का सूत्र “” वीरांगना का बलिदान “
मुगलों ने दुर्गादास राठौर को अपना कट्टर दुश्मन समझ रखा था ! यही कारण था कि मुगलों ने कई बार दुर्गादास राठौर को छल से…
View More ” वीरांगना का बलिदान “