सन 1612 की बात है। जेठ की तपती दोपहर थी। कलकत्ता के एक व्यस्त बाजार में ईस्ट इंडिया कंपनी का एक अंग्रेज कर्मचारी घूम रहा…
View More ” आपस की फूट “Author: YugVaibhav
” हर झाँसा धोख़ा नहीं होता “
दिनभर का थका-हारा अविनाश रात का खाना खाकर अभी अपने कमरे में जाकर लेटा ही था कि पाँचवीं कक्षा में पढ़ने वाला उसका बेटा मनु…
View More ” हर झाँसा धोख़ा नहीं होता “” एक गलतफहमी ने सिखाया बड़ा सबक “
राघव स्वभाव से बहुत तेज़-तर्रार आदमी था। छोटी-सी बात पर गुस्सा करना और बिना पूरी बात जाने किसी को दोषी ठहरा देना उसकी आदत बन…
View More ” एक गलतफहमी ने सिखाया बड़ा सबक “” संगति का असर “
एक समय की बात है—एक प्रतापी राजा अपने तेजस्वी घोड़े पर सवार होकर अकेले ही वन की ओर निकल पड़े। वन का वातावरण शांत था,…
View More ” संगति का असर “” एक चुप सौ सुख “
एक मछलीमार कांटा डाले तालाब के किनारे बैठा था। काफी समय बाद भी कोई मछली कांटे में नहीं फँसी, ना ही कोई हलचल हुई तो…
View More ” एक चुप सौ सुख “” बटुये की फोटो “
खचाखच भरी बस में कंडक्टर को एक गिरा हुआ बटुआ मिला जिसमे एक पांच सौ का नोट और भगवान् कृष्ण की एक फोटो थी। वह…
View More ” बटुये की फोटो “” अतीत के बोझ से मुक्त होना जरूरी “
एक कालेज का छात्र था जिसका नाम था रवि। हमेशा वह बहुत चुपचाप सा रहता था। किसी से ज्यादा बात नहीं करता था इसलिए उसका…
View More ” अतीत के बोझ से मुक्त होना जरूरी “” खुशियों का रिमोट “
नित्या एक साधारण परिवार की लड़की थी। उसे सजना-संवरना, तस्वीरें खींचना और छोटी-छोटी खुशियों को जीना बहुत पसंद था। एक दिन वह अपनी सहेली की…
View More ” खुशियों का रिमोट “” मन की नीयत परमात्मा से नहीं छिपती “
सतयुग का समय था। चारों ओर धर्म, सत्य और करुणा का साम्राज्य था। घने जंगलों के बीच बसे एक छोटे से आश्रम में एक वृद्ध…
View More ” मन की नीयत परमात्मा से नहीं छिपती “” हर मुस्कान के पीछे अपनापन नहीं होता “
एक छोटे से शहर में सुंदर नाम का एक युवक रहता था। उसे बचपन से ही जानवरों से बहुत लगाव था। एक दिन उसे जंगल…
View More ” हर मुस्कान के पीछे अपनापन नहीं होता “