चिड़ियाघर में अपने तीन वर्ष के बच्चे के साथ एक ग्राम्य, सादगीभरी नवयुवती घूम रही थी। वह बच्चे को कभी गोद में लेकर, तो कभी…
View More ” हृदय परिवर्तन “Category: Uncategorized
” पच्चीसवीं मंज़िल “
पच्चीसवीं मंज़िल… ऊँचाई पर फैला हुआ शहर रोशनियों से जगमगा रहा था। कमरे में फैली लाल गुलाबों की हल्की-हल्की महक जैसे हर कोने में कोई…
View More ” पच्चीसवीं मंज़िल “” व्यवहारिक शिक्षा “
“मम्मी, कहाँ रह गईं? कितनी देर हो रही है!” विलास ने जोर से आवाज लगाई। रविवार का दिन था। रिमझिम बारिश पड़ रही थी और…
View More ” व्यवहारिक शिक्षा “” दिव्य मिलन “
यह कथा भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की महिमा को प्रकट करती है। यह केवल पति-पत्नी के प्रेम की कहानी नहीं, बल्कि…
View More ” दिव्य मिलन “” हिम्मत का असली मकसद “
रमेश एक साधारण परिवार का लड़का था। उसने हमेशा यही सपना देखा था कि एक दिन अच्छी नौकरी पाएगा, अपने माता-पिता का सिर गर्व से…
View More ” हिम्मत का असली मकसद “” नर्तकी का दोहा “
एक राजा को राज भोगते हुए काफी समय हो गया था । बाल भी सफ़ेद होने लगे थे । एक दिन उसने अपने दरबार में…
View More ” नर्तकी का दोहा “अगर मांस-मछली नहीं छोड़ोगे, बात को नहीं मानोगे तो अन्न की भारी कमी हो सकती है – बाबा उमाकान्त जी महाराज
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बिहार में हुए नव वर्ष के विशाल कार्यक्रम में आने वाले खराब समय…
View More अगर मांस-मछली नहीं छोड़ोगे, बात को नहीं मानोगे तो अन्न की भारी कमी हो सकती है – बाबा उमाकान्त जी महाराज” ज़िंदगी की जड़ें “
एक छोटे कस्बे में हरि प्रसाद जी नाम के बुजुर्ग रहते थे। उम्र सत्तर पार कर चुकी थी, बाल सफ़ेद, चाल धीमी, पर मन बिल्कुल…
View More ” ज़िंदगी की जड़ें “” नया वर्ष , नई शुरुवात “
शहर की तेज़ रोशनी और आतिशबाज़ी के शोर के बीच तन्विक अपने कमरे की खिड़की से बाहर देख रहा था। घड़ी ने बारह बजाए और…
View More ” नया वर्ष , नई शुरुवात “” मन के विकार “
एक राजा हाथी पर बैठकर अपने राज्य का भ्रमण कर रहा था।अचानक वह एक दुकान के सामने रुका और अपने मंत्री से कहा- “मुझे नहीं…
View More ” मन के विकार “