मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बिहार में हुए नव वर्ष के विशाल कार्यक्रम में आने वाले खराब समय के बारे में आगाह करते हुए कहा कि प्रचार कर दो, बता दो बिहार के लोगों को, उत्तर प्रदेश के लोगों को, आसपास के लोगों को कि मांस-मछली अगर नहीं छोड़ोगे तो तुम्हारी यह फसल जो बोए हुए हो और सोच रहे हो इसको काटेंगे; काट नहीं पाओगे। अन्न घर में नहीं आएगा।
नहीं आएगा तब कहोगे कि बेमौसम बरसात हो गई। तो तब कुछ निकलेगा? नहीं निकलेगा। ओला-पत्थर गिरेगा और साफ कर देगा सब। मड़ाई नहीं कर पाओगे। मड़ाई की नौबत ही नहीं आएगी। लेकिन खाओगे कैसे जब अन्न नहीं पैदा होगा? अब यह कोई यहीं की बात नहीं है।
ओला गिरेंगे, जगह-जगह गिरेंगे, बहुत गिरेंगे; पत्थर जिसको कहते हो। फसलों का नुकसान होगा। अगर लोग बात नहीं माने तो अन्न की भारी कमी हो सकती है। लेकिन मान जाएंगे तो बचत हो जाएगी।
गुरु महाराज भविष्यवाणियां करते थे। गुरु महाराज की भविष्यवाणी के अनुसार जब लोग बदले, प्रेमियों ने जम करके प्रचार किया और बदलाव आया तो बहुत सी भविष्यवाणियां जो गुरु महाराज ने विनाश वाली बताई थीं, वे कट गईं और बचत हो गई लोगों की।
लेकिन जो नहीं माने उनका सफाया हुआ, उनको नुकसान हुआ। तो बता दो लोगों को कि छोड़ दो इन गंदी चीजों को, जीवों पर दया करो। वह मालिक तभी रहम करेगा तुम्हारे ऊपर जब उस रहमदिल की बात को मानोगे यानी रहमान की बात को मानोगे।

