” कर्म ही असली भाग्य “

एक बार एक प्रतापी राजा ने अपने राज्य के सभी प्रसिद्ध विद्वान ज्योतिषियों की सभा बुलवाई। सभा में पहुँचते ही राजा ने एक गंभीर प्रश्न…

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” हर झाँसा धोख़ा नहीं होता “

दिनभर का थका-हारा अविनाश रात का खाना खाकर अभी अपने कमरे में जाकर लेटा ही था कि पाँचवीं कक्षा में पढ़ने वाला उसका बेटा मनु…

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” एक गलतफहमी ने सिखाया बड़ा सबक “

राघव स्वभाव से बहुत तेज़-तर्रार आदमी था। छोटी-सी बात पर गुस्सा करना और बिना पूरी बात जाने किसी को दोषी ठहरा देना उसकी आदत बन…

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