बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ ! जो बनि आवे सहज में , ताही में चित देइ ! ताही में चित देइ ,…
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” छूना है आसमान को “
धरती पर पैर रखकर , जाना है बुलंदियों पे ! नींव धरा से बनाकर , उड़ना है आसमान में ! जुनून के पंख और जज्बे…
View More ” छूना है आसमान को “” धीरे चलो , धीरे बंधु “
धीरे चलो, धीरे बंधु लिए चलो धीरे ! मन्दिर में, अपने विजन में, पास में प्रकाश नहीं, पथ मुझको ज्ञात नहीं, छाई है कालिमा घनेरी…
View More ” धीरे चलो , धीरे बंधु “” गीत सुहाने नये पुराने “
दुःख का समय निकल जायेगा , बुरा वक़्त जायेगा बीत ! आशा और विश्वास अगर है , सारी जंग जाओगे जीत , राही गा आशा…
View More ” गीत सुहाने नये पुराने “” ये न सोचो कभी.. “
ये ना सोचो कभी मैं ठहर जाऊँगा , रोशनी देकर तुम्हें मैं गुज़र जाऊँगा ! खाक़ भी ना मेरी कभी छू पाओगे , आसमाँ से…
View More ” ये न सोचो कभी.. “” हम कुछ नहीं कहते “
उनको ये शिकायत है कि हम कुछ नहीं कहते , अपनी तो ये आदत है कि हम कुछ नहीं कहते ! मजबूर बहुत करता है…
View More ” हम कुछ नहीं कहते “” माता— पिता “
रात का समय था। आकाश में बादल गरज रहे थे, और सड़कें सुनसान थीं। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के बाहर एक बूढ़ा आदमी…
View More ” माता— पिता “” ये नगर कैसा है “
लोग कैसे हैं यहाँ के, ये नगर कैसा है ? उनकी जादू भरी बातों में असर कैसा है ? डूबने वाले को बाहर तो निकल…
View More ” ये नगर कैसा है ““अरमान बहुत हैं “
खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं , जिसे भी देखो परेशान बहुत है ! करीब से देखा तो निकला रेत का घर , मगर दूर…
View More “अरमान बहुत हैं “” कुछ ऐसे भी यह दुनिया जानी जाती है “
पागल से लूटे लूटे जीवन से छुटे छुटे ऊपर से सटे सटे अन्दर से हटे हटे कुछ ऐसे भी यह दुनिया जानी जाती है !…
View More ” कुछ ऐसे भी यह दुनिया जानी जाती है “