अरे, ढाल दे, पी लेने दे ! दिल भरकर प्यारे साक़ी साध न रह जाए कुछ इस छोटे से जीवन की बाक़ी ऐसी गहरी …
View More ” साक़ी “Author: YugVaibhav
” खरगोश बन के दौड़ रहे हैं तमाम ख़्वाब “
तुमको निहारता हूँ सुबह से ऋतंबरा , अब शाम हो रही है , मगर मन नहीं भरा ! खरगोश बन के दौड़ रहे हैं …
View More ” खरगोश बन के दौड़ रहे हैं तमाम ख़्वाब “” पक्षी की वापसी “
आज उस पक्षी को फिर देखा जिसे पिछले साल देखा था लगभग इन्हीं दिनों इसी शहर में क्या नाम है उसका खंजन टिटिहरी नीलकंठ…
View More ” पक्षी की वापसी “” सुंदरतम “
1——- अपेक्षाएं न रहने पर शिकायतें भी नहीं बचती हैं , हक़ीकत स्वीकार कर लेने पर जीवन थोड़ा और सरल हो जाता है ! ——— …
View More ” सुंदरतम ““प्यारे प्यारे फूल “
1—— वही व्यक्ति बुद्धिमान है , जो जानता है कि किन बातों को पूरी तरह से अनदेखा करना चाहिए ! —— विलियम जेम्स 2—— धैर्य …
View More “प्यारे प्यारे फूल “” समझे कौन रहस्य….”
नहीं फूलते कुसुम मात्र राजाओं के उपवन में अमित बार खिलते वे पुर से दूर कुंज— कानन में ! समझे कौन रहस्य ? प्रकृति का …
View More ” समझे कौन रहस्य….”” सितारे “
1—— गुनाह छिपा नहीं रहता ! वह मनुष्य के मुख पर लिखा रहता है ! —– सन्त वाणी 2——– बुखार से ज्यादा एक खराब विचार …
View More ” सितारे “” विनय “
पथ पर मेरा जीवन भर दो, बादल है , अनंत अम्बर के ! बरस सलिल , गति उर्मिल कर दो ! तट हों विटप छाँह …
View More ” विनय “” बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं “
बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं तुझे ऐ ज़िंदगी, हम दूर से पहचान लेते हैं ! तबियत अपनी घबराती है …
View More ” बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं “” अमृत — विचार “
1——– संघर्ष ही मनुष्य को श्रेष्ठ बनाता है ! 2——- सिर्फ उसको अपनी संपत्ति समझो जिसको तुमने अपने परिश्रम से कमाया है ! 3——- लोगों …
View More ” अमृत — विचार “