दीपक पर परवाने आये अपने पर फड़काते आये, किरणों पर बलखाते आये , बड़ी बड़ी इच्छाएं लाएं , बड़ी— बड़ी आशाएँ लाये दीपक पर …
View More ” दीपक पर परवाने आये “Author: YugVaibhav
” अमृत कण “
1—-नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अंतर्मन , तब सुख के मिले समंदर का रह जाता कोई अर्थ नहीं ! —-…
View More ” अमृत कण “” जब कोई बात बिगड़ जाए…. “
जब कोई बात बिगड़ जाए , जब कोई मुश्किल पड़ जाए , तुम देना साथ मेरा , ओ हमनवाज़, न कोई है , न कोई …
View More ” जब कोई बात बिगड़ जाए…. “” अगर हो सकते हमको ज्ञात “
अगर हो सकते हमको ज्ञात नियति के , प्रिये, रहस्य अपार, जान सकते हम विधि का भेद, विश्व में क्यों चिर हाहाकार ! चूर्ण कर …
View More ” अगर हो सकते हमको ज्ञात “” अमृत कण “
1——- दयालु बनो, क्योंकि तुम जिस किसी से भी मिलते हो, वह एक कठिन लडाई लड़ रहा है ! 2——- उस समय कमज़ोर दिखो …
View More ” अमृत कण “” मेरा गीत दीया बन जाए ” ( कुछ अंश )
अंधियारा जिससे शरमाए उजियारा जिसको लालचाये ऐसा दे दो दर्द मुझे तुम मेरा गीत दीया बन जाए ! इतने छलकों अश्रु थके हर राहगीर …
View More ” मेरा गीत दीया बन जाए ” ( कुछ अंश )” कर्म का फल “
बहेलियां ने तीर छोड़ा, वह लता बल्लरियों की बाधाओं को चीरता, राजकुमार सुकर्णव के मस्तिष्क पर जा लगा। राजकुमार वही धराशाई हो गए। समस्त अंतापुर रो…
View More ” कर्म का फल “” अज्ञानता का परिणाम “
एक कुम्हार को मिट्टी खोदते हुए अचानक एक हीरा मिल गया। उसने उसे अपने गधे के गले में बांध दिया। एक दिन एक बनिए की…
View More ” अज्ञानता का परिणाम “” अजनबी देश “
अजनबी देश है यह , जी यहाँ घबराता है कोई आता है यहाँ पर न कोई जाता है जागिये तो यहाँ मिलती नहीं आहट …
View More ” अजनबी देश “” बिखरे मोती “
1— शीशा मेरा सबसे अच्छा मित्र है , क्योंकि मैं जब रोता हूँ तो यह कभी नहीं हँसता ! 2—- प्रेम वह सागर है …
View More ” बिखरे मोती “