एक बार की बात है। महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी प्रभु श्रीराम का भजन करते हुए एक नगर के व्यस्त बाज़ार से होकर गुजर रहे…
View More ” कलाई का उपकार , चूड़ी का अभिमान “Author: YugVaibhav
” सहयोग की शक्ति “
सतयुग में हिमालय की तलहटी में महर्षि अत्रि का एक विशाल आश्रम था। वहाँ अनेक शिष्य वेदों का अध्ययन करते थे और सेवा-भाव से आश्रम…
View More ” सहयोग की शक्ति “” पति– पत्नी का रिश्ता “
शादी के दिन एक अटैची की तरफ इशारा करती नवविवाहित दुल्हन ने अपने पति से वादा लिया था कि वह उस अटैची को कभी नहीं…
View More ” पति– पत्नी का रिश्ता “” चूहे कम, चीलें ज्यादा “
एक बार की बात है, आसमान में एक चील बड़े मजे से उड़ रही थी। उसने अपने मुंह में एक शिकार यानी एक चूहा दबा…
View More ” चूहे कम, चीलें ज्यादा “” एक एक चुटकी बेईमानी “
रामू काका अपनी ईमानदारी और नेक स्वाभाव के लिए पूरे गाँव में प्रसिद्द थे। एक बार उन्होंने अपने कुछ मित्रों को खाने पर आमंत्रित किया।…
View More ” एक एक चुटकी बेईमानी “” सीमा में रहना ही समझदारी है “
एक छोटे से गाँव में रमेश नाम का युवक रहता था। वह बहुत महत्वाकांक्षी था। उसकी इच्छा थी कि कम समय में बहुत बड़ा आदमी…
View More ” सीमा में रहना ही समझदारी है “” अति बोलने का परिणाम “
एक समय की बात है। एक राज्य में एक राजा रहता था। वह बहुत दयालु था, लेकिन उसमें एक बड़ी कमी थी—वह बिना सोचे-समझे बहुत…
View More ” अति बोलने का परिणाम “” श्रीकृष्ण ने सिखाया प्रेम का रहस्य “
द्वापर युग की बात है। वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण के साथ अनेक ग्वालबाल खेला करते थे। उनमें दो मित्र थे—सुदामा और वत्स। सुदामा सभी से…
View More ” श्रीकृष्ण ने सिखाया प्रेम का रहस्य “” सबसे अनमोल – मन की शांति “
एक नगर में एक अत्यंत गरीब व्यक्ति रहता था। वह प्रतिदिन प्रातःकाल अपने गुरु के आश्रम जाता, पूरे मन से आश्रम की साफ़-सफ़ाई करता और…
View More ” सबसे अनमोल – मन की शांति “” बेटी का प्रेम और पिता का पश्चाताप “
एक कन्या विद्यालय में नई अध्यापिका आईं। वे अत्यंत सुंदर, शिक्षित और सौम्य स्वभाव की थीं। उनकी आयु विवाह योग्य सीमा से कुछ अधिक हो…
View More ” बेटी का प्रेम और पिता का पश्चाताप “