लखनऊ। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) ने फर्जी पत्रकारों, फर्जी पत्रकार संगठनों तथा वाहनों पर अवैध रूप से ‘प्रेस’ लिखकर समाज में भय, दबाव और ब्लैकमेलिंग का माहौल बनाने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है। अभियान की शुरुआत 30 जुलाई से राजधानी लखनऊ में जिला प्रशासन के सहयोग से की जाएगी।
समिति के संयोजक प्रभात कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का सशक्त चौथा स्तंभ है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व फर्जी पत्रकार और फर्जी संगठनों की आड़ लेकर पत्रकारिता की गरिमा को लगातार धूमिल कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा।
प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि अभियान के दौरान फर्जी पत्रकारों, फर्जी पत्रकार संगठनों तथा बिना वैध अधिकार के वाहनों पर ‘प्रेस’ लिखकर घूमने वाले लोगों की पहचान कर जिला प्रशासन को सूची उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्रदेशभर के पत्रकारों और आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को ऐसे मामलों की जानकारी हो तो समिति की हेल्पलाइन 8400661562 पर सूचना दे सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब वास्तविक और फर्जी पत्रकारों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित होगा तो समाज में चौथे स्तंभ की साख और पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही सरकार और प्रशासन के लिए भी वास्तविक पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी नीतियां बनाना और उन्हें लागू करना अधिक आसान होगा।
समिति के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकांत तिवारी ने बताया कि समिति के अध्यक्ष विक्रम राव तथा महासचिव ज्ञानेश पाठक ने संयोजक प्रभात त्रिपाठी के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पत्रकारिता के भीतर ही आचार संहिता की स्पष्ट रेखा खींचने का कार्य करेगा। पत्रकार समाज स्वयं अपने बीच छिपे फर्जी पत्रकारों और फर्जी संगठनों की पहचान करेगा, जिससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।
समिति ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी वास्तविक पत्रकार को परेशान करना नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा की रक्षा करना तथा ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली जैसे कृत्यों में लिप्त फर्जी तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
