जिंदगी को वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं ! यज्ञ को इस शक्ति– श्रम के श्रेष्ठतम…
View More ” जो शिलाएँ तोड़ते हैं “Author: YugVaibhav
” सच्चे सुख का अर्थ “
आपका चेहरा याद रखना चाहता हूं ताकि जब मैं आपसे स्वर्ग में मिलूं, तो मैं आपको पहचान सकूं और एक बार फिर आपका धन्यवाद कर…
View More ” सच्चे सुख का अर्थ “” बच्चे “
माँओं के सच्चे मददगार हैं , सब्ज़ी और आइसक्रीम वालों के पक्के संगतकार मौसमों के मासूम संवदिये बारिश आती है तो वे बूंदों से …
View More ” बच्चे “” वर दे वीणावादिनी वर दे “
वर दे , वीणावादिनी वर दे ! प्रिय स्वतंत्र– रव अमृत– मंत्र नव भारत में भर दे ! काट अंध– उर के बंधन– स्तर बहा …
View More ” वर दे वीणावादिनी वर दे ““हरि पालनै झुलावै “
हरि पालनै झुलावै जसोदा हरि पालनै झुलावै हलरावै दुलरावै मल्हावै जोई सोइ कछु गावै मेरे लाल को आउ निंदरिया काहे न आनि सुवावै तू काहे…
View More “हरि पालनै झुलावै “” तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार “
तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार आज सिंधु ने विष उगला है लहरों का यौवन मचला है आज हृदय में और सिंधु …
View More ” तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार “” निशा निमंत्रण “
दिन जल्दी — जल्दी ढलता है ! हो जाए न पथ में रात कहीं , मंज़िल भी तो है दूर नहीं यह सोच थका …
View More ” निशा निमंत्रण “” हम खुश कैसे रहें …”
जिंदगी में ऐसे कई पल आते हैं, जब हम अपने आपको अकेला महसूस करते हैं ! ऐसे समय में अपने आपको खुश रखना सबसे ज्यादा…
View More ” हम खुश कैसे रहें …”” दिन पर दिन चले गए… “
दिन पर दिन चले गए पथ के किनारे गीतों पर गीत अरे रहता पसारे बीतती नहीं बेला सुर मैं उठाता जोड़— जोड़ सपनों से उनको …
View More ” दिन पर दिन चले गए… “” बिखरे मोती “
1—– हृदय , की कोमलता के बराबर कोई आकर्षण नहीं है ! ——- जेन आस्टेन 2——– लड़खड़ाना अक्सर गिरना नहीं…
View More ” बिखरे मोती “