अमित ने जल्दी से बाईक स्टैंड पर लगाई और बारिश से बचते हुए एक टी-स्टाल पर छप्पर के नीचे खड़ा हो गया था। बारिश रुकने…
View More ” पिता का पुण्य “Author: YugVaibhav
” बुझी मोमबत्ती “
एक पिता अपनी चार वर्षीय बेटी मिनी से बहुत प्रेम करता था। ऑफिस से लौटते वक़्त वह रोज़ उसके लिए तरह-तरह के खिलौने और खाने-पीने…
View More ” बुझी मोमबत्ती “” तीन डंडी “
गंगा के तट पर गुरु जी शिष्यों को शिक्षा दे रहे थे , तभी एक शिष्य ने गुरु जी से पूँछा, गुरुवर जब भी हम…
View More ” तीन डंडी “” आधा किलो आटा “
एक नगर में एक बहुत धनी सेठ रहता था। उसके पास धन, जमीन, मकान और व्यापार की कोई कमी नहीं थी। एक दिन उसके मन…
View More ” आधा किलो आटा “” संयम की जीत “
सर्दियों की एक सुहानी सुबह थी। रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ से भरा हुआ था। लोग अपने-अपने सामान के साथ जल्दी-जल्दी ट्रेन पकड़ने में लगे…
View More ” संयम की जीत “” घमंडी मगरमच्छ और शांत कछुवा “
एक नदी में एक मगरमच्छ रहता था। उसी नदी में एक कछुआ भी रहता था। मगरमच्छ जानता था कि वह कछुए को खा नहीं सकता,…
View More ” घमंडी मगरमच्छ और शांत कछुवा “” भिखारी “
अपनी नई नवेली दुल्हन किरन को, शादी के दूसरे दिन, ही दहेज मे मिली नई चमाचमाती गाड़ी से, शाम को दिनेश लॉन्ग ड्राइव पर लेकर…
View More ” भिखारी “” ईमानदारी की कमाई “
एक छोटे से गाँव नयासर में रामसेवक नाम का दूधवाला रहता था। उसके पास चार गायें थीं और उन्हीं के दूध को बेचकर वह अपने…
View More ” ईमानदारी की कमाई “” चार अनमोल रत्न “
एक शांत गाँव में एक वृद्ध संत रहते थे। दूर-दूर से लोग उनके पास जीवन की समस्याओं का समाधान पाने आते थे। संत का जीवन…
View More ” चार अनमोल रत्न “” चावल का दाना “
एक भिखारी एक दिन सुबह अपने घर के बाहर निकला। त्यौहार का दिन है। आज गाँव में बहुत भिक्षा मिलने की संभावना है। वो अपनी…
View More ” चावल का दाना “