” घर की खुशियाँ, बहुओं में प्यार “

दीपा और नीता दोनों जेठानी-देवरानी। दीपा नौकरी करती थी और नीता घर संभालती थी। भरा-पूरा परिवार था, सास-ससुर, दोनों के दो बच्चे कुल १० लोगों…

View More ” घर की खुशियाँ, बहुओं में प्यार “

” जो जैसा बोयेगा, उसे वैसा ही काटना भी पड़ेगा “

बहुत समय पहले की बात है। एक राज्य में राजा रघुवीर का शासन था। वे पराक्रमी और न्यायप्रिय तो थे, परंतु कभी-कभी क्रोध में आकर…

View More ” जो जैसा बोयेगा, उसे वैसा ही काटना भी पड़ेगा “

” रंगों से पहले अपने मन को रंगो “

“कश्तियाँ उन्हीं की डूबती हैं, जिनके ईमान डगमगाते हैं…” — यह पंक्ति अक्सर गाँव के बुजुर्ग हरिराम जी अपने शिष्य गुरु को सुनाया करते थे।…

View More ” रंगों से पहले अपने मन को रंगो “