एक गाँव में एक बहुत धनी किसान रहता था। उसके पास खेत-खलिहान, पशु, धन-दौलत और नौकर-चाकरों की कोई कमी नहीं थी। यह सारी संपत्ति उसे…
View More ” परिश्रम ही असली धन है “Blog
” गुरु की आखिरी चाल “
एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक महान तलवारबाज़ गुरु रहते थे। उनकी तलवार की धार जितनी तेज़ थी, उतनी ही…
View More ” गुरु की आखिरी चाल “” संगत की सुगंध “
एक दिन एक विद्वान अध्यापक अपने शिष्यों के साथ प्रकृति की सैर पर निकले। रास्ता हरियाली से भरा था, पक्षियों की मधुर आवाजें वातावरण को…
View More ” संगत की सुगंध “” सच्चा धन “
राजा ने उन्हें पास बुलाया और विनम्रता से कहा, “बच्चों, क्या मुझे थोड़ा भोजन और पानी मिल सकता है? मैं बहुत भूखा और प्यासा हूँ।”…
View More ” सच्चा धन “” कौवा और गरुड़ “
लेकिन जैसे ही वह आकाश में उड़ा, कुछ चीलों ने उसे देख लिया। वे तेजी से उसके पीछे पड़ गईं। कौवा डर गया। वह और…
View More ” कौवा और गरुड़ “” एक बाप और बेटे की कहानी “
एक बाप अदालत में दाखिल हुआ। ताकि अपने बेटे की शिकायत कोर्ट में कर सके। जज साहब ने पूछा आपको अपने बेटे से क्या शिकायत…
View More ” एक बाप और बेटे की कहानी “” निंदक का उपकार “
संध्या का समय था। आसमान हल्के सुनहरे रंग में रंग चुका था और गांव की पगडंडी पर संत दादू दीनदयाल जी अपनी भिक्षा यात्रा पर…
View More ” निंदक का उपकार “” उपकार “
एक जंगल में शेर शेरनी रहते थे। एक दिन वे अपने बच्चों को अकेला छोड़कर शिकार के लिये दूर तक गये। जब देर तक नही…
View More ” उपकार “” तीन कुत्ते “
एक बार एक गाँव में पंचायत लगी थी। वहीं थोड़ी दूरी पर एक सन्त ने अपना बसेरा किया हुआ था। जब पंचायत किसी निर्णय पर…
View More ” तीन कुत्ते “” मिट्टी का पुतला और परमात्मा का सहारा “
एक समय की बात है, एक प्रतापी राजा अपने लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकले थे। चलते-चलते उनकी दृष्टि सड़क किनारे बैठे एक छोटे…
View More ” मिट्टी का पुतला और परमात्मा का सहारा “