अश्क़ वो मोती हैं जो नयनों में पला करते हैं, भाव जो दिल को मथ जाएं तो ये नुमा होते हैं ! सुख हो या…
View More ” अश्क़ ( आँसू )Category: Uncategorized
” मैं चाहता हूँ क्या ? “
मैं चाहता हूँ क्या , मुझे जताना नहीं आता ! आँसुओं को पीना पुरानी आदत है , मुझे आँसू बहाना नहीं आता ! लोग कहते…
View More ” मैं चाहता हूँ क्या ? “” जिंदगी “
शायद एक खुशी द्वारे से लौट गई है , प्यास अनकही चौबारे से लौट गई है ! खलल नींद में डाल नहीं तू घर को…
View More ” जिंदगी “” बीती ताहि बिसारि दे “
बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ ! जो बनि आवे सहज में , ताही में चित देइ ! ताही में चित देइ ,…
View More ” बीती ताहि बिसारि दे “” छूना है आसमान को “
धरती पर पैर रखकर , जाना है बुलंदियों पे ! नींव धरा से बनाकर , उड़ना है आसमान में ! जुनून के पंख और जज्बे…
View More ” छूना है आसमान को “” धीरे चलो , धीरे बंधु “
धीरे चलो, धीरे बंधु लिए चलो धीरे ! मन्दिर में, अपने विजन में, पास में प्रकाश नहीं, पथ मुझको ज्ञात नहीं, छाई है कालिमा घनेरी…
View More ” धीरे चलो , धीरे बंधु “” गीत सुहाने नये पुराने “
दुःख का समय निकल जायेगा , बुरा वक़्त जायेगा बीत ! आशा और विश्वास अगर है , सारी जंग जाओगे जीत , राही गा आशा…
View More ” गीत सुहाने नये पुराने “” ये न सोचो कभी.. “
ये ना सोचो कभी मैं ठहर जाऊँगा , रोशनी देकर तुम्हें मैं गुज़र जाऊँगा ! खाक़ भी ना मेरी कभी छू पाओगे , आसमाँ से…
View More ” ये न सोचो कभी.. “” हम कुछ नहीं कहते “
उनको ये शिकायत है कि हम कुछ नहीं कहते , अपनी तो ये आदत है कि हम कुछ नहीं कहते ! मजबूर बहुत करता है…
View More ” हम कुछ नहीं कहते “” माता— पिता “
रात का समय था। आकाश में बादल गरज रहे थे, और सड़कें सुनसान थीं। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के बाहर एक बूढ़ा आदमी…
View More ” माता— पिता “