पति-पत्नी दोनों डॉक्टर थे। बाहर से उनका जीवन सुखी और सम्मानित दिखाई देता था, लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं था।…
View More ” माँ की दिव्य महानता “Category: Uncategorized
” रेहड़ी “
शाम को दफ़्तर से घर आते समय देखा कि एक छोटा-सा बोर्ड रेहड़ी की छत से लटक रहा था जिस पर मार्कर से लिखा हुआ…
View More ” रेहड़ी “” दरवाज़े पर दस्तक “
शहर के एक शांत मोहल्ले में रमेश नाम का एक युवक प्रतिदिन घर-घर समाचार-पत्र पहुँचाया करता था। एक दिन उसने देखा कि एक बुज़ुर्ग व्यक्ति…
View More ” दरवाज़े पर दस्तक “” सहयोग का गुल्लक “
रिटायर हुए उन्हें अभी अधिक समय नहीं हुआ था । 65 बरस के बाबूजी रिटायर्ड शिक्षक थे । उनकी बातचीत व आवाज़ में अलग ही…
View More ” सहयोग का गुल्लक “” हौंसला बुलंद रखो “
कुछ दिनों पहले लखनऊ से मुंबई की उड़ान में एक बुज़ुर्ग सरदारजी और उनकी पत्नी से मुलाकात हुई। सरदारजी की उम्र लगभग अस्सी वर्ष रही…
View More ” हौंसला बुलंद रखो “” प्रार्थना “
एक भिखारी, एक सेठ के घर के बाहर खड़ा होकर भजन गा रहा था और बदले में खाने को रोटी मांग रहा था। सेठानी काफ़ी…
View More ” प्रार्थना “” ये कैसा अभिमान ? “
बहुत समय पहले की बात है। उत्तर प्रदेश के एक छोटे-से गाँव गंगा गंज में चौधरी हरिसिंह अपनी पत्नी गौरीदेवी के साथ रहते थे। दोनों…
View More ” ये कैसा अभिमान ? “” जीवित माता- पिता की सेवा ना करना सबसे बड़ा पितृ दोष “
मोबाइल की स्क्रीन पर बेटे का नाम उभरते ही सावित्री चौंक गई। वर्षों बाद बेटे का फोन आया था। उसने काँपते हाथों से फोन उठाया।…
View More ” जीवित माता- पिता की सेवा ना करना सबसे बड़ा पितृ दोष “” कर्म ही असली भाग्य “
एक बार एक प्रतापी राजा ने अपने राज्य के सभी प्रसिद्ध विद्वान ज्योतिषियों की सभा बुलवाई। सभा में पहुँचते ही राजा ने एक गंभीर प्रश्न…
View More ” कर्म ही असली भाग्य “” विवाह “
बडी उम्र की कुँवारी लड़कियाँ घर बैठी हैं। अगर अभी भी माँ-बाप नहीं जागे तो स्थितियाँ और विस्फोटक हो सकती हैं। हमारा समाज आज बच्चों…
View More ” विवाह “