द्वापर युग की बात है। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारका राज्य में एक दिन घोषणा हुई कि अगले दिन राजमहल में एक विशेष सभा होगी। जो…
View More ” सच्ची सेवा ही सच्ची भक्ति “Author: YugVaibhav
” इच्छा पूर्ति “
एक घने जंगल में एक इच्छा पूर्ति वृक्ष था, उसके नीचे बैठ कर कोई भी इच्छा करने से वह तुरंत पूरी हो जाती थी। यह…
View More ” इच्छा पूर्ति “9 जुलाई को मनाया जाएगा ‘शिक्षक शौर्य दिवस’, शिक्षकों का होगा सम्मान
लखनऊ। स्ववित्तपोषित विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन की ओर से देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर 9 जुलाई (गुरुवार) को राजधानी…
View More 9 जुलाई को मनाया जाएगा ‘शिक्षक शौर्य दिवस’, शिक्षकों का होगा सम्मानपुनर्गठित मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति को नया नेतृत्व, विक्रम राव बने अध्यक्ष
विधानसभा मीडिया सेंटर में हुई पहली आम सभा, संयोजक प्रभात कुमार त्रिपाठी की भूमिका रही निर्णायक रूपेंद्र उपाध्याय बने कोषाध्यक्ष, लक्ष्मीकांत तिवारी को प्रवक्ता की…
View More पुनर्गठित मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति को नया नेतृत्व, विक्रम राव बने अध्यक्ष” चुभन “
पुरानी साड़ियों के बदले बर्तनों के लिए मोल भाव करती एक सम्पन्न घर की महिला ने अंततः दो साड़ियों के बदले एक टब पसंद किया…
View More ” चुभन “” बुरी स्मृतियों को भुला देना ही बड़प्पन है “
एक गाँव में दो भाई रहते थे। दोनों के बीच गहरा प्रेम, विश्वास और आत्मीयता थी। बड़ा भाई जब भी बाजार से कोई वस्तु लाता,…
View More ” बुरी स्मृतियों को भुला देना ही बड़प्पन है “” फिजूल बातें “
*पहली फिजूल बातें* एक सहेली ने दूसरी सहेली से पूछा:- बच्चा पैदा होने की खुशी में तुम्हारे पति ने तुम्हें क्या तोहफा दिया ? सहेली…
View More ” फिजूल बातें “” बुराई को जड़ से खत्म करना चाहिए “
बुराई की ऊपरी कांट-छांट से वह नहीं मिटती,उसे तो उसकी जड़ से मिटाना होता है। जब तक जड़ को नष्ट नहीं किया जाएगा तब तक…
View More ” बुराई को जड़ से खत्म करना चाहिए “” बुराई को जड़ से दूर करना चाहिए “
बुराई की ऊपरी कांट-छांट से वह नहीं मिटती,उसे तो उसकी जड़ से मिटाना होता है। जब तक जड़ को नष्ट नहीं किया जाएगा तब तक…
View More ” बुराई को जड़ से दूर करना चाहिए “” दो ईंटों के नीचे दबे सपने “
एक छोटे से कस्बे में बारह वर्षीय अर्जुन रहता था। उसकी आँखों में बड़े-बड़े सपने थे। वह पढ़-लिखकर अधिकारी बनना चाहता था ताकि अपने गाँव…
View More ” दो ईंटों के नीचे दबे सपने “