Uncategorized ” ना पाने की खुशी है कुछ “ YugVaibhav September 10, 2025 No Comments ना पाने की खुशी है कुछ , ना खोने का ही कुछ गम है ! ये दौलत और शोहरत सिर्फ , कुछ ज़ख़्मों का मरहम है ! अजब सी कशमकश है , रोज़ जीने, रोज़ मरने में ! मुकम्मल ज़िंदगी तो है , मगर पूरी से कुछ कम है ! — प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ( संकलित ) —-/ राम कुमार दीक्षित, पत्रकार ! Post Views: 54