” मिट्टी का पुतला और परमात्मा का सहारा “

एक समय की बात है, एक प्रतापी राजा अपने लाव-लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकले थे। चलते-चलते उनकी दृष्टि सड़क किनारे बैठे एक छोटे…

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” असीमित् पुण्य “

गुजरात की एक प्रसिद्ध रियासत में राजमाता मीलण देवी रहती थीं। वह भगवान के प्रति अत्यंत श्रद्धालु थीं और धर्म-कर्म में उनका विशेष विश्वास था।…

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” बंदर और बंदरिया की सोच “

आज बन्दर और बन्दरिया के विवाह का वर्षगांठ था। बन्दरिया बड़ी खुश थी। एक नज़र उसने अपने परिवार पर डाला। तीन प्यारे-प्यारे बच्चे, नाज उठाने…

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