मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला , अगर गले नहीं मिला तो हाथ भी न मिला ! घरों पे नाम थे, नामों के साथ …
View More ” कोई आदमी न मिला “Category: Uncategorized
” हवन “
चाहता तो बच सकता था मगर कैसे बच सकता था जो बचेगा कैसे रचेगा पहले मैं झुलसा फिर धधका चिटखने लगा कराह सकता …
View More ” हवन “” सुनो द्रोपदी “
सुनो द्रोपदी , शस्त्र उठा लो , अब गोविंद न आयेंगे छोड़ो मेहंदी, खड्ग संभालो ख़ुद ही अपना चीर बचा लो द्युत बिछाये बैठे शकुनि …
View More ” सुनो द्रोपदी “” ध्वाखा होइगा “
मूच्छंन का कीन्हे सफाचट्ट , मुँह पौडर औ सिर केश बड़े तहमद पहिरे कंबल ओढ़े , बाबू जी याकै रहैं खड़े हम कहा मेम…
View More ” ध्वाखा होइगा “” देव उठनी एकादशी “
देव उठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनि एकादशी या देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं ! यह शुभ दिन है जब भगवान् विष्णु अपनी चार महीने की योग…
View More ” देव उठनी एकादशी “” नज़ारे छूट जाते हैं “
मैं जब भी तेज़ चलता हूँ नज़ारे छूट जाते हैं ! कोई जब रूप गढ़ता है तो साँचे टूट …
View More ” नज़ारे छूट जाते हैं “” कहकर उसे बताना क्या ? “
प्यार किसी को करना लेकिन , कहकर उसे बताना क्या ! गुण का ग्राहक बनना लेकिन , गाकर उसे सुनाना क्या …
View More ” कहकर उसे बताना क्या ? “” आज तक हमसे न हमारी मुलाकात हुई “
आज तक हमसे न हमारी मुलाकात हुई , अब के सावन में ये शरारत मेरे साथ हुई ! अब के सावन में ये शरारत …
View More ” आज तक हमसे न हमारी मुलाकात हुई “” छठ पर्व का अंतिम दिन “
28 अक्टुबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का आज समापन हो गया ! इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास संपन्न…
View More ” छठ पर्व का अंतिम दिन “” अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ का तीसरा दिन संपन्न “
आज देश भर में लोक आस्था का महापर्व छठ का त्योहार मनाया जा रहा है ! हिंदू धर्म में छठ पूजा का विशेष महत्व होता…
View More ” अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ का तीसरा दिन संपन्न “