रीना सुबह 5 बजे उठ जाती थी। अलार्म बजने से पहले ही उसकी आँख खुल जाती, क्योंकि उसे पता था कि उसका दिन लंबा और जिम्मेदारियों से भरा होने वाला है। सबसे पहले वह रसोई में जाती, चाय बनाती, फिर सास-ससुर के लिए नाश्ता तैयार करती। उसके बाद अपने पति और बच्चों के लिए टिफिन बनाती। सबको समय पर तैयार करके विदा करने के बाद वह खुद जल्दी-जल्दी तैयार होकर अपनी नौकरी के लिए निकल जाती।
ऑफिस में भी उसका दिन आसान नहीं होता था। फाइलों का ढेर, बॉस की अपेक्षाएँ और काम का दबाव—इन सबके बीच वह कभी शिकायत नहीं करती। अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाना ही उसका स्वभाव था। लेकिन असली परीक्षा तो तब शुरू होती जब वह शाम को घर लौटती।
थकी हुई रीना जैसे ही घर पहुँचती, सास की आवाज़ कानों में पड़ती—“इतनी देर क्यों हो गई? घर के काम भी देख लिया करो।” ससुर जी भी कभी-कभी अपनी नाराजगी जाहिर कर देते। वह बिना कुछ कहे चुपचाप अपने बैग को एक तरफ रखती और सीधे रसोई में लग जाती।
कभी सब्जी काटते-काटते उसकी आँखें नम हो जातीं, लेकिन उसने कभी किसी के सामने अपनी थकान या दर्द जाहिर नहीं किया। वह जानती थी कि परिवार को संभालना ही उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। रात को सबको खाना खिलाने के बाद वह बर्तन साफ करती, घर समेटती और फिर अगले दिन की तैयारी करती।
एक दिन उसकी तबीयत खराब थी। शरीर में तेज बुखार था, लेकिन फिर भी वह सुबह उठी और अपने रोज के काम में लग गई। तभी उसकी छोटी बेटी ने उसका माथा छुआ और घबराकर बोली—“मम्मी, आपको तो बुखार है!”
उस दिन पहली बार उसके पति ने ध्यान से उसे देखा। उन्होंने महसूस किया कि जिस स्त्री को वे रोज़ साधारण समझते थे, वह असाधारण है। सास-ससुर भी चुप हो गए। उन्हें एहसास हुआ कि जिस बहू को वे डांटते थे, वही इस घर की असली ताकत है।
उस दिन रीना को आराम करने के लिए कहा गया। पहली बार उसने चैन की सांस ली। उसके पति ने रसोई संभाली, सास ने उसके सिर पर हाथ रखा और ससुर ने प्यार से कहा—“बहू, तुमने इस घर को संभाल रखा है, हम तुम्हारी मेहनत समझ नहीं पाए।”
रीना की आँखों में आँसू आ गए, लेकिन इस बार ये आँसू दर्द के नहीं, सम्मान और प्यार के थे।
घर की जीवनसाथी केवल जिम्मेदारियों का बोझ नहीं उठाती, बल्कि पूरे परिवार की नींव होती है। उसका सम्मान, उसकी मेहनत की कद्र और उसे थोड़ा सा प्यार देना हर परिवार का कर्तव्य है। क्योंकि वो सच में “वो है जो कभी थकती नहीं।”
* राम कुमार दीक्षित, पत्रकार
