किसी नगर में एक सेठ जी रहते थे। उनके घर के पास ही एक मंदिर था। एक रात्रि को मंदिर में चल रहे एक भक्त…
View More ” जगत का पालनहार “Category: Uncategorized
” पिता की जेब “
घर के आँगन में दोपहर की धूप फैली थी। रसोई में माँ बर्तन माँज रही थी, तभी बेटा स्कूल बैग टाँगे आकर बोला, “मम्मी, 50…
View More ” पिता की जेब “” पुण्य करने का तरीका “
सुबह की हल्की धूप में सड़क किनारे एक बूढ़ी माँ, अपनी पुरानी सी डलिया में संतरे सजाए बैठी रहती थी। चेहरे पर झुर्रियाँ थीं, पर…
View More ” पुण्य करने का तरीका “” पुरुषार्थ की ताकत “
एकबार दो पड़ोसी राज्यों के बीच युद्ध की आहट गूंजने लगी। सेनाएँ सजने लगीं, अस्त्र-शस्त्र तैयार होने लगे। संयोग ऐसा कि दोनों राज्यों के शासक…
View More ” पुरुषार्थ की ताकत “” अनोखी दवाई “
काफी समय से दादी की तबीयत बहुत खराब चल रही थी। घर में ही दो नर्स उनकी देखभाल में लगी रहती थीं। बड़े-बड़े डॉक्टर आ…
View More ” अनोखी दवाई “” फूल की मुस्कान “
मैंने एक फूल से कहा. ..! कल तुम मुरझा जाओगे फिर क्यों मुस्कुराते हो? व्यर्थ में यह ताजगी किसलिए लुटाते हो? फूल चुप रहा –…
View More ” फूल की मुस्कान “” बहुत बड़ी सीख “
एक प्यासा आदमी एक कुएं के पास गया, जहां एक जवान_औरत पानी भर रही थी उस आदमी ने औरत से थोड़ा पानी पिलाने के लिए…
View More ” बहुत बड़ी सीख “” परोपकार “
एक समय की बात है। नयासर गांव में राजू नामक एक व्यक्ति रहता था। गांव में आपसी भाईचारा और प्रेम बहुत था। इसलिए वहां के…
View More ” परोपकार “” अब तो समाज को जाग जाना चाहिए “
बडी उम्र की कुँवारी लड़कियाँ घर बैठी हैं। अगर अभी भी माँ-बाप नहीं जागे तो स्थितियाँ और विस्फोटक हो सकती हैं। हमारा समाज आज बच्चों…
View More ” अब तो समाज को जाग जाना चाहिए “” अनजाने पाप का परिणाम “
पितामह रणभूमि में शरशैया पर पड़े थे। हल्का सा भी हिलते तो शरीर में घुसे बाण भारी वेदना के साथ रक्त की पिचकारी सी छोड़…
View More ” अनजाने पाप का परिणाम “