बता फूल भी क्या खिले हैं अकेले , हमें छोड़ के जो चले हैं अकेले ! रहे लोग यों तो सदा पास मेरे , खुदी…
View More ” फूल भी क्या खिले हैं “Category: Uncategorized
” चंदा रे ! गुस्सा मत होना “
चंदा रे ! गुस्सा मत होना जालिम था वो घना अंधेरा जिसने मेरा आंगन घेरा बनते — बनते फिर से बिखरा तेरे द्वारे का पगफेरा…
View More ” चंदा रे ! गुस्सा मत होना “” हवा गुज़र गयी पत्ते थे कुछ हिले भी नहीं “
हवा गुज़र गयी पत्ते थे कुछ हिले भी नहीं , वो मेरे शहर में आये भी और मिले भी नही ! ये कैसा रिश्ता हुआ…
View More ” हवा गुज़र गयी पत्ते थे कुछ हिले भी नहीं “” पत्थरों से तो सर बचा आये “
पत्थरों से तो सर बचा आए चोट फूलों की मार से खाए सारी दुनिया को जीतकर लौटे मात परिवार से अपने खाए योग्यता काम तब…
View More ” पत्थरों से तो सर बचा आये “” प्रेम “
द्रव्य नहीं कुछ मेरे पास फिर भी मैं करता हूँ प्यार ! रूप नहीं कुछ मेरे पास , फिर भी मैं करता हूँ प्यार !…
View More ” प्रेम “” बाँसुरी “
बेचैन बाँसुरी बजने को , है दिल में आज उतरने को ! बातें सावन के बूंदों सी , मद्धिम — मद्धिम हैं झरने को !…
View More ” बाँसुरी “” तो मस्त है ज़िंदगी “
खुश रहकर गुज़ारो , तो मस्त है ज़िंदगी , दुःखी रहकर गुज़ारो , तो त्रस्त है ज़िंदगी ! तुलना में गुज़ारो , तो पस्त है…
View More ” तो मस्त है ज़िंदगी “” मिट्टी से भी यारी रख “
मिट्टी से भी यारी रख , दिल से दिलदारी रख ! चोट न पहुंचे बातों से , इतनी समझदारी रख ! पहचान हो तेरी हटकर…
View More ” मिट्टी से भी यारी रख “” फ़र्क़ तो बहुत पड़ता है “
फ़र्क़ तो बहुत पड़ता है , फिर भी लोगों को कहने देते हैं ! हर किसी को नहीं समझा सकते , इसलिए अब रहने देते…
View More ” फ़र्क़ तो बहुत पड़ता है “” ढूंढता है “
ज़मी का सितारा आसमान ढूंढता है वो अपनी ज़िंदगी में एक मकाम ढूढ़ता है , बड़ा बेचैन सा रहता है आजकल अक्सर ज़रा सुकून, ज़रा…
View More ” ढूंढता है “