ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो, ना ही तुम अपने कंधे पर सर रख कर रो सकते हो, एक दूसरे के लिए…
View More ” ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो “Category: Uncategorized
” हमारी संस्कृति “
” पंचांग “
🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻 🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️ 🌤️ *दिनांक – 23 अक्टूबर 2025* 🌤️ *दिन – गुरूवार* 🌤️ *विक्रम संवत – 2082*…
View More ” पंचांग “” भाई दूज “
भाई– बहन का यह त्योहार , इसमें छुपा हुआ है प्यार ! इक– दूजे पर करते नाज़, भैया दूज आ गई आज ! माथे पर…
View More ” भाई दूज “” धर्म की रक्षा से ही, भारत के अस्तित्व की सुरक्षा है “
भारत की सबसे बड़ी लड़ाई आज सीमाओं पर नहीं, मन और विचारों के भीतर लड़ी जा रही है। बाहर से आता है कट्टरपंथ, भ्रम और…
View More ” धर्म की रक्षा से ही, भारत के अस्तित्व की सुरक्षा है “” दिवाली “
जल रे , दीपक जल तू जिनके आगे अँधियारा है , उनके लिए उजल तू ! जोता, बोया, लुना जिन्होंने श्रम कर ओटा धुना जिन्होंने…
View More ” दिवाली “” धनतेरस “
1. दीपक की रोशनी, मिठाइयों की मिठास, पटाखों की बौछार, धन– धान्य की बरसात, हर दिन आपके लिए खुशियाँ लेकर आये , धनतेरस का त्योहार…
View More ” धनतेरस “” मैं कौन हूँ ? “
सेवानिवृत्ति के बाद, न कोई नौकरी, न कोई दिनचर्या, और एक शांत घर, जो अब सिर्फ सन्नाटे की गूंज है… मैंने अंततः अपने असली अस्तित्व…
View More ” मैं कौन हूँ ? “” विश्व है जब नींद में मगन “
विश्व है जब नींद में मगन गगन में अंधकार कौन देता मेरी वीणा के तारों में ऐसी झनकार ! नयनों से नींद छीन ली उठ…
View More ” विश्व है जब नींद में मगन “” कमियाँ “
*आंख संसार की हर चीज देखती है, मगर आंख के अंदर कुछ चला जाए, तो उसे नहीं देख पाती है…..!* *ठीक उसी प्रकार मनुष्य दूसरे…
View More ” कमियाँ “