इसमें छुपा हुआ है प्यार !
इक– दूजे पर करते नाज़,
भैया दूज आ गई आज !
माथे पर चंदन का टीका ,
बहन बिना सब होता फीका !
भैया तुझको तिलक लगा दूँ ,
चंदा सूरज तुझे दिला दूँ !
यह रिश्तों की है सौगात ,
याद रहे अम्मा की बात !
( संकलित )
— राम कुमार दीक्षित , पत्रकार !

