” रंगों से पहले अपने मन को रंगो “

“कश्तियाँ उन्हीं की डूबती हैं, जिनके ईमान डगमगाते हैं…” — यह पंक्ति अक्सर गाँव के बुजुर्ग हरिराम जी अपने शिष्य गुरु को सुनाया करते थे।…

View More ” रंगों से पहले अपने मन को रंगो “

” होलिका दहन “( वर्तमान समय की सच्चाई “

शहर के बीचों-बीच बने एक बड़े मैदान में हर साल की तरह इस बार भी होलिका दहन की तैयारियाँ चल रही थीं। रंग-बिरंगी झालरों से…

View More ” होलिका दहन “( वर्तमान समय की सच्चाई “

” आइस क्रीम और जीवन का स्वाद “

बुधवार को हमारे क्षेत्र में साप्ताहिक बाज़ार लगता है। सब्ज़ियों से लेकर दैनिक उपयोग की लगभग सभी वस्तुएँ इस बाज़ार में सहजता से उपलब्ध हो…

View More ” आइस क्रीम और जीवन का स्वाद “

” सास- बहू ” ( क्रोध से बचने का फार्मूला “

एक संयुक्त परिवार में सुमित्रा देवी अपनी बहू राधा के साथ रहती थीं। राधा पढ़ी-लिखी और समझदार थी, लेकिन उसका एक स्वभाव पूरे घर को…

View More ” सास- बहू ” ( क्रोध से बचने का फार्मूला “

” छोटी बीमारियों का देशी इलाज “

1️⃣*हिचकी आना* निम्बू चूसें या थोड़ी चीनी खाएं 2️⃣*दाँत दर्द* लौंग चबाएँ, लौंग का तेल लगाएं 3️⃣*आँखों में जलन* एक दो बून्द गुलाब जल डालें…

View More ” छोटी बीमारियों का देशी इलाज “