हमीरपुर/सुमेरपुर। सुमेरपुर कस्बे में तपोभूमि में रविवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के तत्वावधान में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें एकजुटता के साथ यूजीसी के प्रस्ताव का तीखा विरोध किया गया। गोष्ठी में बड़ी संख्या में संत, बुद्धिजीवी मातृशक्ति शामिल हुए।
मुख्य वक्ता संत राजेंद्र दास ने कहा कि सनातन पर लगातार हो रहे प्रहारों के कारण संत समाज को अब शांत रहने के बजाय सजग और संगठित होना पड़ रहा है। संत राजेंद्र दास ने भावुक शब्दों में कहा कि “आज संतों को एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में भाला लेने की मजबूरी पैदा हो गई है, ताकि सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा की जा सके। परिषद की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष दीपा तिवारी ने सभी सनातन धर्मावलंबियों से एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया। इस मौके पर परिषद के संरक्षक अविनाशी त्रिपाठी, नीरज मिश्रा, जिलाध्यक्ष कल्लू बाजपेई, बालजी पांडेय, आलोक अवस्थी, राखी पांडेय, जयप्रकाश त्रिपाठी, सुनील त्रिपाठी, अमित तिवारी, बबली मिश्रा, गीता ओमर, उमा शुक्ला, बंदना तिवारी, ब्रजेश बादल, जीतू शुक्ला, वीरेंद्र द्विवेदी, वीरेंद्र तिवारी, उर्मिला सिंह सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के महिला पुरुष मौजूद रहे। संचालन रमाकांत शुक्ला एवं अम्बे मिश्रा ने किया।
