
हमीरपुर/राठ। हमीरपुर जिले में मनरेगा (विकसित भारत जी राम जी योजना) में फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुराने और एक ही फोटो को कई बार अपलोड करके और फर्जी हाजिरी व डिमांड दिखाकर मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है। धरातल पर काम नजर नहीं आता, फिर भी लाखों के वारे न्यारे हो रहे है। निगरानी करने वाले बीडीओ, एपीओ, सचिव सहित सभी जिम्मेदार उच्चाधिकारियों ने इसको लेकर आंखे मूंद रखी है। निगरानी तंत्र दूर दूर तक नजर नहीं आ रहा है। हालांकि डीसी मनरेगा कई बार कार्रवाई कर चुके है फिर भी ये लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। मुख्य विकास अधिकारी भी राठ और मुस्करा विकासखंड की ग्राम पंचायतों में जांच की बात कह चुके है।
बताते चलें राठ विकासखंड की मलेहटा, बरेल, बसेला, औडेरा, गोहानी, झिन्नावीरा, सैदपुर, टोला रावत, परा, नौरंगा ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़ा चरम पर है। एनएमएमएस वेबसाइट के अनुसार दिनांक 05/02/2025 दिन गुरुवार को राठ ब्लॉक में 97 एमआर में 806 मजदूरों का डाटा अपलोड किया गया जिसमें ग्राम पंचायत मलेहटा में राम प्रकाश के मकान से खल्लो के मकान तक रोक दीवार में 110 कामगारों को दिखाया गया। जिसमें 10 मजदूरों की टोली की एक ही फोटो को 11 बार अलग अलग एमआर में अपलोड कर 110 मजदूरों की फर्जी हाजिरी मेट द्वारा लगाई गई। वहीं ग्राम पंचायत बरेल में चकमार्ग निर्माण में 10-12 मजदूरों की फोटो को 16 बार अलग अलग मस्टर रोल में दिखाकर 159 मजदूरों की फर्जी हाजिरी मेट द्वारा लगाई गई। जबकि ग्राम पंचायत गोहानी पनवाड़ी में सीसी रोड निर्माण, जल रोक बांध में 105 मजदूरों की हाजिरी दिखाई गई जबकि फोटो में 15-20 लोग दिख रहे है। बिना मजदूरों की वास्तविक मौजूदगी के ही उनकी फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का बंदरबाट किया जा रहा है। अमूमन सभी ग्राम पंचायतों का यही हाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत स्तर के कार्मिकों की मिलीभगत से हो रहा है।
चौंकाने वाली बात तो यह है कि 3 फरवरी को जब मौसम खराब था और क्षेत्र में बारिश हो रही थी तब भी राठ ब्लॉक में 731 मजदूर काम करते दर्शाए गए।
मलेहटा सचिव दिलीप कुमार से जानकारी की तो बताया कि काम क्षेत्र पंचायत निधि द्वारा कराया जा रहा है हालांकि बातचीत के दौरान सचिव आपा खोते नजर आए और खुद को संगठन मंत्री बताकर ज्ञान बांटने लगे। खण्ड विकास अधिकारी राठ अनिल पांडेय से इस संबंध में बात की तो जांच करवाने और कार्रवाई की बात कहीं। वहीं जब डीसी मनरेगा हमीरपुर राघवेन्द्र सिंह को अवगत कराया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए नोट किया और जांच करवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एक नजर पिछले 7 दिनों के मजदूरों के आंकड़ों पर—-
पिछले 7 दिनों में राठ विकासखंड की ग्राम पंचायत मलेहटा में लगभग 760 मजदूर, बरेल में 946, बसेला में 778, गोहानी पनवाड़ी में 730, झिन्नावीरा में 334, औडेरा में 355, टोला रावत में 330, नौरंगा में 459, सैदपुर में 116, परा में 189, उमानिया में 453 मजदूरों को काम करते दिखाया गया। अब सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में इतने मजदूरों ने धरातल पर काम किया है? ये सोचने वाली बात है।
