अटल भूजल योजना में धांधली व घटिया निर्माण कार्यों की शिकायत, जांच की मांग

हमीरपुर/सरीला। जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे निर्माणों में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां और अनियमिताएं सामने आ रही है। जल संरक्षण के लिए गांवों में कराए गए निर्माण कार्य एक साल भी नहीं चल सके और धराशाई हो गए। धगवां निवासी धनंजय सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायत करते हुए बताया कि सरीला क्षेत्र की ग्राम पंचायत धगवां में भूमि संरक्षण विभाग हमीरपुर की इकाई द्वितीय द्वारा अटल भूजल योजना के तहत 2024 -2025 में बंधी निर्माण कार्य कराए गए थे, जिसमें काम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई और घटिया सामग्री का प्रयोग किया जिससे एक ही बरसात में बंधी व पक्के स्ट्रक्चर टूट गये व निर्माण कार्यों की पोल खुल गई। वहीं सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में एक व्यक्ति निर्मित दीवार का सीमेंट हाथ से झाड़ते हुए घटिया निर्माण की ओर इशारा करते हुए धांधली के आरोप लगा रहा है।
ग्रामीणों और धनंजय का आरोप है कि अधिकांश पुलिया और बंधी कई जगह टूट गई, तालाबों की खुदाई में कमीशन और आजीविका सरोवर अंतर्गत गांवों में हुए निर्माणों में भ्रष्टाचार किया गया। आजीविका सरोवर योजना के तहत रहटिया, खण्डौत, मंगरौल, बरहरा, इंदरपुरा में मानक के अनुसार कार्य नहीं कराए गए। और 3 मीटर खुदाई की जगह 1 मीटर खुदाई कर खानापूर्ति की गई। बरहरा गांव में ऐसी जगह खुदाई की गई जहां जलभराव नहीं था , इंदरपुरा में पक्के स्ट्रक्चर तो बनाए गए लेकिन एक वर्ष में टूट गये, बसरिया गांव में बंधी के ऊपर बंधी डाली गई। वहीं कृषि विभाग द्वारा नमशा योजना में बकरी शेड, भूसाघर, खाद के गड्ढे आदि कार्य के लिए जमखुरी, पवई, मंगरौल, अतरौली, उपरहका गांव चयनित हुए थे। जिनमें कोई भी कार्य नहीं कराए गए बस किसानों के खाते में 30 हजार डाले गए और बदले में उनसे 5 से 10 हजार कमीशन लेकर रफा दफा किया गया।
इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी से ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच करवाने की मांग की और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल में भी शिकायत दर्ज की है।
जब अवर अभियंता मयूर से जानकारी ली तो बताया कि अटल भूजल योजना के तहत बसरिया, चंडौत, धगवां गांवों में जल संरक्षण के लिए बंधी, पुलिया निर्माण कार्य कराए गए। निर्माण नया था, दूसरी कोटिंग नहीं हुई थी, टूटी बंधीयों की जानकारी नहीं, शिकायतकर्ता ठेकेदार है जिसका पैसा पास नहीं हुआ तो शिकायत कर रहे है। परन्तु खुद अवर अभियंता स्टीमेट, बजट और अन्य संबंधित चीजें नहीं दिखा पाए और बच रहे है। वहीं भूमि संरक्षण अधिकारी ओपी रावत से बात की तो उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत सही निर्माण है और सब कुछ धरातल पर मौजूद हैं, शिकायतकर्ता विभाग में मेडगिरी करता था बाकि हम निरीक्षण करके आए है, सब कुछ ठीक है।

2022 में खुदवाए गए 120 तालाब गायब
शिकायतकर्ता ने बताया कि सरीला क्षेत्र में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा 2022-2023 में 120 तालाब खुदवाए गए, जो धरातल पर अधिकतर खुदे ही नहीं, जिसमें ग्रामीण धनंजय का आरोप है कि प्रति तालाब 30 हजार रुपए कमीशन भी लिया गया था।

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