संवाददाता हमीरपुर। कानपुर से हमीरपुर मेट्रो लाओ अभियान के चलते आज मुख्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी घनश्याम मीणा को सौंपा गया। मेट्रो लाओ अभियान पत्रकारों द्वारा चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का सबसे पिछड़ा क्षेत्र बुंदेलखण्ड है। हमीरपुर को बुंदेल खण्ड का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है। हमीरपुर जिले के विकास को लेकर अब पत्रकारों ने कानपुर से हमीरपुर मेट्रो लाओ
अभियान छेड़ दिया है। जिसके चलते मुख्य मंत्री को भेजे गए ज्ञापन मे पत्रकारों ने कहा कि बेतवा, यमुना नदियों की संगम नगरी हमीरपुर जिला मुख्यालय दशकों से विकास की राह देख रहा है। सन 1950 से भारत में अपना संविधान लागू है तबसे अब तक हमीरपुर जिला मुख्यालय को रेलवे ट्रैक से नहीं जोड़ा गया है। हमीरपुर को जिला मुख्यालय बने हुए 200 वर्ष हो चुके हैं। आज तक यहां न कोई रेलवे स्टेशन है और ना ही कोई मेट्रो की सुविधा है। जबकि कानपुर नौबस्ता गल्ला मंडी तक मेट्रो आ चुकी है जिसकी महज दूरी कानपुर से हमीरपुर मात्र 50 किमी है जिसको कानपुर से हमीरपुर तक लाये जाने की मांग की गई है। हमीरपुर वासी ही नहीं अपितु हमीरपुर से जुड़े आस-पास के क्षेत्रवासी मेट्रो की सुविधा से वंचित हैं। जबकि हमीरपुर जिले से केवल बेतवा नदी के खनन से सरकार को अरबों खरबों रुपये का राजस्व प्रतिवर्ष प्राप्त होता है। फिर भी हमीरपुर जिला मुख्यालय मेट्रो सुविधा से उपेक्षित है। जिसको लेकर आज मुख्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया है। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार ओ पी दोहरे, गणेश सिंह विद्यार्थी, शाहिद खान, जसवंत सिंह, कुंदन निषाद, विनीत तिवारी, शशिकांत, मुकेश निषाद, मोहित द्विवेदी, नीरज द्विवेदी, आशुतोष दीक्षित, राजेंद्र अंबेडकर, अमित वर्मा, इंतजार हुसैन, अमित दुबे, विकास सोनी, राम बाबू आदि पत्रकार इस ज्ञापन देने में शामिल रहे।
