विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का अध्ययन कर आपदाओं से होने वाले जोखिमों को न्यूनीकृत करने हेतु उचित प्रबंधन किया जाए

लखनऊ: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार के सचिव श्री मनीष भारद्वाज ने शुक्रवार को पिकप भवन स्थिति उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय में विभागीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का गहन अध्ययन करते हुए विभिन्न आपदाओं (बाढ़, अग्निकाण्ड, हीटवेव, शीतलहरी, वज्रपात, भूकंप, इत्यादि) से  होने वाले जोखिमों/क्षतियों को न्यूनीकृत करने हेतु उचित प्रबंधन किया जाए तथा इसकी जानकारी आमजन तक पंहुचाई जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्राद्यौगिकी संस्थानों से सम्पर्क कर उनके द्वारा विकसित मॉडलों का उपयोग आपदा न्यूनीकरण के लिए किया जाए। साथ ही भारत सरकार द्वारा आपदाओं के न्यूनीकरण के लिए शुरू विभिन्न कार्यक्रमों के अन्तर्गत एनसीसी, भारत स्काउट गाइड, स्कूल-कालेज के विद्यार्थियों सहित आमजनों को विभिन्न आपदों से बचने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाढ़ क्षेत्र के समीप स्थित गांवों में नाविकों को सीपीआर का प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा सहयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुम्बई और अहमदाबाद की तर्ज पर उत्तर प्रदेश को फ्लड फ्री प्रदेश करने के उद्देश्य से कार्य करें।
समीक्षा बैठक में अपर मुख्यकार्यपालक अधिकारी डॉ० हृषिकेश भास्कर याशोद ने प्राधिकरण द्वारा आपदा न्यूनीकरण हेतु किए गए कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में आपदा न्यूनीकरण, तैयारी, प्रतिक्रिया एवं पुनर्वास से जुड़े कार्यों का समन्वित रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूपीएसडीएमए द्वारा मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण, इंटर्नशिप कार्यक्रम, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सिटी हीट एक्शन प्लान एवं शहरी आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने हेतु महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर अत्याधुनिक राज्य इमर्जेन्सी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि युवा आपदा मित्र परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश के 25 जनपदों में लगभग 29,772 को युवा आपदा मित्र का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
श्री मनीष भारद्वाज ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आपदा न्यूनीकरण में तेजी से कार्य करते हुए विभिन्न आपदाओं के जोखिमों को न्यूतम किये जाने हेतु नवीन योजनाओं को सम्मिलित किया जाए।  उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय इमर्जेन्सी ऑपरेशन सेंटर को ।प् बेस्ड बनाते हुए प्रदेश स्तर में मौसम संबंधी स्थानीय चेतावनी पर कार्य किया जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, आईआईटी, स्टार्टअप फार्मों से सहयोग लिया जाये और उसके आपदा न्यूनीकरण के लिए बढ़ावा दिया जाये। आपदा प्रबंधन अधिनियम के नवीन संसोधन में शहरी/नगरीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बनाए जाने के निर्देश दिए गये हैं इसके क्रम में प्रदेश में इसको स्थापित कर कार्यवाही की जाये। उन्होंने आपदा मित्र परियोजना से शहरी एवं ग्रामीण युवाओं को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल सैफ्टी योजना के माध्यम से प्रत्येक स्कूल, कॉलेज में आपदा प्रबंधन जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये। मिटीगेशन प्रोजेक्ट के माध्यम से डूबने की घटनाओं, वज्रपात एवं अन्य आपदा के न्यूनीकरण के लिए अधिक से अधिक प्रोजेक्ट तैयार कर आपदा न्यूनीकरण कार्य किया जाये, जिससे उत्तर प्रदेश एक रोल मॉडल के रूप में आ सके।
बैठक को संबोधित करते हुए उ0प्र0 राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जनरल श्री योगेन्द्र डिमरी ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार के गाइडलाइन के अनुसार ही यूपीएसडीएम के कार्यों को संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनडीएमए के सुझावों पर प्राधिकरण अमल कर आपदा न्यूनीकरण में और बेहतर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि बाढ़, अतिवृष्टि और मौसम संबंधी चेतावनी के लिए विभाग द्वारा आटोमेटिक वेदर स्टेशन एवं ऑटोमेटिक रेन गेज की स्थापना की गयी है, जिससे आम जन को चेतावनी संबंधी सूचना दी जाती है।

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