चंद्रावल नदी के पुनरोद्धार कार्य हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

हमीरपुर। जलोदय जल अभियान के अन्तर्गत चन्द्रावल नदी के पुनरोद्धार कार्य को सकुशल सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में सभी सम्बधित विभागों, उद्यमियों, खनन पट्टाधारकों, स्वयं सेवी संगठनों एवं पत्रकार बन्धुओं के साथ आवश्यक बैठक की गयी।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा इस कार्य हेतु नामित नोडल अधिकारी अधिशाषी अभियन्ता, मौदहा बॉध निर्माण खण्ड, हमीरपुर एवं अधिशाषी अभियन्ता लघु सिंचाई हमीरपुर को निर्देशित करते हुए बताया गया कि यह एक पुनीत कार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। इस कार्य हेतु पंचायतीराज विभाग, सूचना एवं जनसंम्पर्क विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, खनन विभाग, उद्योग विभाग, लघु सिंचाई विभाग, वन विभाग, उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, चिकित्सा विभाग आदि के जो भी उत्तरदायित्व निर्धारित किए गए है, वे अपने उत्तरदायित्वों से भलीभॉति परिचित हो लें। उन्होने बताया कि चन्द्रावल नदी के पुनरोद्वार कार्य का शुभारम्भ 17 दिसम्बर 2025 को प्रातः 10ः00 बजे से किया जाएगा। यह कार्य पूर्णतयः जन सहयोग से किया जाना है। उन्होने जनपद की मीडिया को सूचित करते हुए कहा कि चन्द्रावल नदी पुनरोद्धार कार्य मशीनों के बिना सम्भव नहीं है और मशीनों का प्रयोग मनरेगा योजना से नहीं किया जा सकता है अपितु यह कार्य स्थानीय जन सहयोग, इण्डस्ट्रीज, खनन पट्टाधारकों के सहयोग से कराया जा रहा है। इस पवित्र, पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित के कार्य में जनपद के मीडिया की अहम भूमिका होगी ताकि यह कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ सकुशल सम्पन्न हो सके।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा जानकारी दी गयी कि चन्द्रावल नदी जनपद महोबा से ग्राम गुढ़ा में प्रवेश करती है और जनपद हमीरपुर में 62 किलोमीटर लम्बे प्रवाह क्षेत्र के साथ बॉदा जनपद में केन नदी में मिल जाती है। इस नदी की जलग्रहण क्षमता 990 वर्ग किलोमीटर की है। यह नदी जनपद हमीरपुर के 18 ग्रामों से गुजरती है जिसमें कई छोटे-बड़े नाले आकर मिलते है। उन्होने इस कार्य से जुड़े समस्त अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नदी पुनरोद्धार के कार्य को पूरी कुशलता के साथ किया जाए और इस बात का ध्यान रहे कि नदी का बहाव किसी भी प्रकार से बाधित न हो। नदी की गहराई और उसकी चौड़ाई में एकरूपता रहनी चाहिए। नदी की सिल्ट उठाकर पैच में लगाई जाए तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार के अवैध खनन की शिकायत न मिले, अन्यथा संबंधित के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरूण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विजय शंकर तिवारी, डीसी मनरेगा राघवेन्द्र सिंह सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी गण, उद्यमी, खनन पट्टाधारक, ग्राम प्रधान, पत्रकार बन्धु, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि आदि लोग मौजूद रहे।

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