हमीरपुर/राठ। राष्ट्र संत परम पूज्य स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज के 131वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में
स्वामी ब्रह्मानंद संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय दिव्य योग ध्यान साधना एवं आयुर्वेद चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर का बुधवार को विधिवत समापन हुआ। शिविर में प्रतिदिन सुबह शाम लोगों को योग, प्राणायाम, ध्यान, सूर्य नमस्कार, प्राकृतिक चिकित्सा तथा आयुर्वेदिक उपचारों की विशेष प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सुधार के गुर सिखाए गए। शिविर के अंतिम दिन योग विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को देह मन को संतुलित रखने वाले उन्नत योगाभ्यास कराए। वहीं आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा नाड़ी परीक्षण, जड़ी–बूटी आधारित उपचार, आहार–विहार परामर्श एवं विभिन्न रोगों के संबंध में चर्चा की गई। योगाध्यान एवं आयुर्वेद चिकित्सा आधारित वार्षिक स्वास्थ्य शिविर 27 नवम्बर 2025 से 3 दिसम्बर 2025 तक ब्रह्मानंद संस्कृति महाविद्यालय में आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ प्राचार्य राजकुमार गौतम एवं अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सिंह (दादा जी) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सात दिवसीय शिविर के अंतिम दिवस 3 दिसम्बर को स्वामी शिवानंद जी द्वारा योग, प्राणायाम व ध्यान साधना के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सिंह ने बताया कि यह शिविर प्रतिवर्ष जनसेवा के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। ताकि अधिक से अधिक लोग आयुर्वेद व योग के माध्यम से निरोगी जीवन प्राप्त कर सकें। और वक्ताओं द्वारा स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज से संबंधित स्मृतियों का स्मरण कराया साथ ही स्वामी जी के व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। और स्वामी जी के बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया। प्रबंधक श्याम बाबू सिंह राजपूत ने बताया कि सात दिवसीय शिविर का उद्देश्य स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज के बारे में विस्तार से जानकारी देने, समाज में स्वास्थ्य जागरूकता, तनाव मुक्ति और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देना था। साथ ही ब्रह्मानंद संस्कृत महाविद्यालय के सौजन्य से कार्यक्रम में दूरदराज से आए स्वामी जी के भक्तगणों का मंच पर स्वामी जी का चित्र, शौल एवं अभिनन्दन पत्र देकर सम्मानित किया गया। संरक्षक डॉ० डी. पी. सिंह पूर्व कृषि निदेशक ने स्वामी जी के व्यक्तित्व के बारे में कहा कि पूरे हिंदुस्तान में स्वामी जी ही एक मात्र ऐसे संत थे जिन्होंने अपने पूरे जीवन काल में कभी पैसे को हाथ नहीं लगाया। राठ में इतनी बड़ी शिक्षा की ज्योति जगाना आज के समय में लोगों के लिए एक सपने की तरह है। स्वामी जी ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में लगाया है। लेकिन आज समय है स्वामी जी के बताए हुए रास्ते पर चलने की, उनके अधूरे सपने को पूरा करने की और शिक्षा घर घर पहुंचने की। इस मौके पर स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज की प्रतिमा बनाने वाली गल्हिया गांव की छात्रा कुमारी गीतिका पांचाल पुत्री मनोज कुमार द्वारा संस्कृत महाविद्यालय को भेंट की गई जो सफेद सीमेंट और बाल पुट्टी से निर्मित की गई। महाविद्यालय परिवार द्वारा छात्रा को मंच पर 2100 रुपए धनराशि और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करते हुए शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम के अंत में ब्रह्मानंद संस्कृत महाविद्यालय की तरफ से उपस्थित सभी का आभार प्रकट किया। और पूज्य स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज अमर रहे के नारे लगाते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। और आगामी समय में ऐसे और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की घोषणा की गई।
