मऊ। भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान कुशमौर में 17 से 21 नवम्बर तक आयोजित पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह का आयोजन शुक्रवार कोकिया गया। निदेशक डॉ आनंदन के मार्गदर्शन में चला यह कार्यक्रम कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण बेतिया, बिहार द्वारा प्रायोजित था, जिसमें 20 कृषकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अंजनी कुमार सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के दूर दराज क्षेत्र के किसानों तक संस्थान के गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन के तकनीक की जानकारी पहुँचती है और क्रियान्वित होती है तो यह संस्थान के प्रयासों की सफलता होगी | उन्होंने किसानों को फसलों की नई प्रजातियों की नवीनतम जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ वेद प्रकाश राय ने किसानों को धान व अन्य फसलों की देसी प्रजातियों के संरक्षण और रख रखाव के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि इन देसी प्रजातियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है जिससे भविष्य में पादप प्रजनन में नयी प्रजातियों के विकास में सहायता प्राप्त होगी और जैव विविधता बनी रहेगी। वैज्ञानिक डॉ दीपांशु जायसवाल ने बीज उत्पादन संवर्धन में बीज लेपन तकनीक पर किसानों को जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन समारोह में किसानों से प्रशिक्षण के विषय में प्रतिक्रिया ली गई। कार्यक्रम के सह समन्वयक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सत्येन्द्र कुमार एवं वैज्ञानिक डॉ पवित्रा वी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना अहम योगदान दिया। वरिष्ठ तकनीशियन कुमारी निशा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन देकर कार्यक्रम की समाप्ति हुई। इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी व कर्मचारी गण कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
