जीवन की साधना में श्रेष्ठ कर्मों की भूमिका अहम – स्वामी मुक्तानन्द

जीवन की साधना में श्रेष्ठ कर्मों की भूमिका अहम – स्वामी मुक्तानन्द

सुमेरपुर, हमीरपुर। कस्बा सुमेरपुर स्थित उदय गार्डन में 8 अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक चलने वाले संत प्रवचन सप्ताह का शुभारंभ बुधवार को भव्यता के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन अलवर (राजस्थान) से पधारे संत डॉ. स्वामी मुक्तानंद ने भक्तों को कर्मयोग पर आधारित प्रेरणाप्रद प्रवचन दिया।

स्वामी मुक्तानंद ने कहा कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब वह श्रेष्ठ और निष्काम कर्मों का मार्ग अपनाता है। उत्तम कर्मों से अंतःकरण की शुद्धि होती है, और शुद्ध अंतःकरण से ही आत्मा को परमात्मा का साक्षात्कार संभव होता है। उन्होंने कर्म और ज्ञान के बीच श्रेष्ठता पर विचार करते हुए कहा कि इनकी तुलना में उलझने के बजाय, व्यक्ति को कर्म में निष्ठा और समर्पण से जुड़ना चाहिए, क्योंकि कर्म ही जीवन का वास्तविक धर्म है।कार्यक्रम में वृंदावन से पधारे संत सर्व चैतन्य ने मधुर भजनों और प्रेरक प्रवचनों के माध्यम से भक्तों को भक्ति और साधना का संदेश दिया। मंच से भक्ति रस बरसने पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संतों का भव्य स्वागत पूर्व सभासद जितेंद्र सिंह तोमर, आयोजक राजेश सिंह, निशांत सिंह, सौमित्र सिंह सहित अन्य भक्तों द्वारा पुष्पमालाओं से किया गया।

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