” ये वक़्त गुज़र जायेगा “

गुज़र   जायेगा  ,  गुज़र  जायेगा

मुश्किल  बहुत  है  ,  मगर  वक़्त  ही  तो  है

गुज़र   जायेगा  ,  गुज़र  जायेगा   !!

 

ज़िंदा  रहने  का  ये  जो  जज्बा   है

फिर   उभर   आयेगा

गुज़र  जायेगा  ,  गुज़र   जायेगा   !!

 

माना  मौत  चेहरा  बदलकर   आई  है

माना  रात  काली है  ,  भयावह  है  , गहराई  है  ,

लोग   दरवाज़ों  पे  रास्तों  पे  रुके   बैठे   हैं

कई   घबराये  हैं , सहमे   हैं  ,  छिपे   बैठे   हैं   !

 

मगर  यक़ीन  रख  ,  मगर  यक़ीन  रख

ये  बस  लम्हा  है   ,  दो  पल  में  बिखर  जायेगा  ,

ज़िंदा  रहने  का  ये  जो  जज्बा  है  , फिर  असर  लायेगा

मुश्किल  बहुत  है  ,  मगर  वक़्त  ही  तो  है

गुज़र   जायेगा  ,   गुज़र    जायेगा    !

———-   महानायक  अमिताभ बच्चन

(  संकलित  )

 

——-   राम  कुमार  दीक्षित  ,  पत्रकार   !

 

 

 

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