शाम को दफ़्तर से घर आते समय देखा कि एक छोटा-सा बोर्ड रेहड़ी की छत से लटक रहा था जिस पर मार्कर से लिखा हुआ…
View More ” फल का ठेला “Category: Uncategorized
” दान का सही समय “
मानसी अपने बगीचे की देखरेख करने वाले माली को उसके बेटे के लिए एक छोटा स्वेटर, मोज़े और कुछ गर्म कपड़े देने लगी। तभी उसकी…
View More ” दान का सही समय “” सफल जीवन “
एक बार अर्जुन ने कृष्ण से पूछा- माधव.. ये ‘सफल जीवन’ क्या होता है ? कृष्ण अर्जुन को पतंग उड़ाने ले गए। अर्जुन कृष्ण को…
View More ” सफल जीवन “” दो हीरे “
एक सौदागर को बाज़ार में घूमते हुए एक उम्दा नस्ल का ऊंट दिखाई पड़ा! सौदागर और ऊंट बेचने वाले के बीच काफी लंबी सौदेबाजी हुई…
View More ” दो हीरे “ज्यादा लालच मत करना, ठगी अभी बहुत बढ़ेगी – बाबा उमाकान्त जी महाराज
मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण, बिहार परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने सतसंग में कहा कि आगे का समय खराब है। स्वार्थ में दोस्त…
View More ज्यादा लालच मत करना, ठगी अभी बहुत बढ़ेगी – बाबा उमाकान्त जी महाराज” हृदय परिवर्तन “
चिड़ियाघर में अपने तीन वर्ष के बच्चे के साथ एक ग्राम्य, सादगीभरी नवयुवती घूम रही थी। वह बच्चे को कभी गोद में लेकर, तो कभी…
View More ” हृदय परिवर्तन “” पच्चीसवीं मंज़िल “
पच्चीसवीं मंज़िल… ऊँचाई पर फैला हुआ शहर रोशनियों से जगमगा रहा था। कमरे में फैली लाल गुलाबों की हल्की-हल्की महक जैसे हर कोने में कोई…
View More ” पच्चीसवीं मंज़िल “” व्यवहारिक शिक्षा “
“मम्मी, कहाँ रह गईं? कितनी देर हो रही है!” विलास ने जोर से आवाज लगाई। रविवार का दिन था। रिमझिम बारिश पड़ रही थी और…
View More ” व्यवहारिक शिक्षा “” दिव्य मिलन “
यह कथा भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की महिमा को प्रकट करती है। यह केवल पति-पत्नी के प्रेम की कहानी नहीं, बल्कि…
View More ” दिव्य मिलन “” हिम्मत का असली मकसद “
रमेश एक साधारण परिवार का लड़का था। उसने हमेशा यही सपना देखा था कि एक दिन अच्छी नौकरी पाएगा, अपने माता-पिता का सिर गर्व से…
View More ” हिम्मत का असली मकसद “