तब मानव कवि बन जाता है ! जब उसको संसार रुलाता, वह समीप अपनों के जाता , पर वे भी जब ठुकरा देते, वह निज …
View More ” मानव कवि बन जाता है “Author: YugVaibhav
” आओ फिर से दिया जलाएं “
आओ फिर से दिया जलाएं भरी दुपहरी में अंधियारा सूरज परछाईं से हारा अंतरतम् का नेह निचोड़े—- बुझी हुई बाती सुलगायें ! हम पड़ाव …
View More ” आओ फिर से दिया जलाएं “” मोतियों की माला “
1—- अपना दोष स्वयं देख लेना कमजोरी नहीं , मजबूती का लक्षण है ! 2—— सब समय का खेल है , कितना भी प्लानिंग कर …
View More ” मोतियों की माला “” ये खायें और अपना हीमोग्लोबिन बढ़ाएँ “
अमरूद- अमरूद जितना ज्यादा पका हुआ होगा, उतना ही पौष्टिक होगा। पके अमरूद को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। इसलिए महिलाओं…
View More ” ये खायें और अपना हीमोग्लोबिन बढ़ाएँ “” बुराई का अन्त “
एक सांप को एक बाज़ आसमान पे ले कर उड राहा था.. अचानक पंजे से सांप छूट गया और कुवें मे गिर गया बाज़ ने…
View More ” बुराई का अन्त “” साँप का क्रोध “
एक बढ़ई (Carpenter) शाम को अपनी दुकान बंद कर घर चला गया। जब वह चला गया, तो एक ज़हरीला सांप दुकान के अंदर…
View More ” साँप का क्रोध “” संगति “
एक था राजा। उसने एक तोता पाला था। एक दिन तोता मर गया। राजाने मंत्री को कहा: मंत्रीप्रवर! हमारा तोते का पिंजरा सूना हो गया…
View More ” संगति “” भीतर के ” मैं ” का मिटना जरूरी है “
एक बार सुकरात समुद्र तट पर टहल रहे थे उनकी नजर तट पर खड़े एक रोते बच्चे पर पड़ी वो उसके पास गए और प्यार…
View More ” भीतर के ” मैं ” का मिटना जरूरी है “” एक ठिकाना मिल तो जाए “
एक ठिकाना मिल तो जाए आबो– दाना मिल तो जाए ! पारस पत्थर मैं न चाहूँ इज्जत भर का मिल तो जाए !…
View More ” एक ठिकाना मिल तो जाए “” बैलगाड़ी “
यह समय की बैलगाड़ी सो रहा है मस्त गाड़ीवान पीकर आज ताड़ी राह के अभ्यस्त दोनो बैल आगे बढ़ रहे हैं वृक्ष पर बैठे …
View More ” बैलगाड़ी “