लखनऊः
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन में उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के गणतंत्र दिवस परेड में पुरस्कृत एवं राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के लिए चयनित छात्रों ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर राज्यपाल जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर आगे बढ़ रहे हैं और इसी तरह निरंतर प्रयास करते रहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और माता-पिता के योगदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। उन्होंने जीवन में माता-पिता के योगदान एवं महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राज्यपाल जी ने अपने गुजरात में शिक्षा मंत्री के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय उन्होंने सैनिक स्कूलों का भ्रमण किया तथा सैनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक बच्चे को यह समझना चाहिए कि हमारी सुरक्षा कौन करता है। केवल स्वयं की चिंता नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पण का भाव होना चाहिए। अनुशासन जीवन का अभिन्न अंग है, और जो व्यक्ति दैनिक जीवन में अनुशासन का पालन करता है, वही आगे बढ़ता है।
राज्यपाल जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षकों एवं अभिभावकों को यह कार्यक्रम बच्चों को अवश्य सुनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री जी द्वारा ‘विकसित भारत’ के निर्माण हेतु दिए गए मंत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्ममंथन, स्वच्छता, समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा विकसित तकनीकों का सदुपयोग होना चाहिए, दुरुपयोग नहीं।
राज्यपाल जी ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है, जिसके दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं। गेमिंग के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि गेमिंग करनी है तो वह रामायण, पंचतंत्र जैसे प्रेरणादायक विषयों पर आधारित हो, जिससे बच्चों में संस्कार और रचनात्मकता का विकास हो। उन्होंने कहा कि आज यहां आयोजित प्रदर्शनी के दौरान बच्चों की रचनात्मक क्षमताएं देखने को मिलीं।
राज्यपाल जी ने ‘मां के नाम पेड़’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि मां को सम्मान देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर स्कूल केे अध्यापक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज जन भवन में उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल के गणतंत्र दिवस परेड में पुरस्कृत एवं राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के लिए चयनित छात्रों ने शिष्टाचार भेंट की।इस अवसर पर राज्यपाल जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर आगे बढ़ रहे हैं और इसी तरह निरंतर प्रयास करते रहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार और माता-पिता के योगदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। उन्होंने जीवन में माता-पिता के योगदान एवं महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राज्यपाल जी ने अपने गुजरात में शिक्षा मंत्री के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय उन्होंने सैनिक स्कूलों का भ्रमण किया तथा सैनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक बच्चे को यह समझना चाहिए कि हमारी सुरक्षा कौन करता है। केवल स्वयं की चिंता नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पण का भाव होना चाहिए। अनुशासन जीवन का अभिन्न अंग है, और जो व्यक्ति दैनिक जीवन में अनुशासन का पालन करता है, वही आगे बढ़ता है।
राज्यपाल जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षकों एवं अभिभावकों को यह कार्यक्रम बच्चों को अवश्य सुनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री जी द्वारा ‘विकसित भारत’ के निर्माण हेतु दिए गए मंत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्ममंथन, स्वच्छता, समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा विकसित तकनीकों का सदुपयोग होना चाहिए, दुरुपयोग नहीं।
राज्यपाल जी ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया है, जिसके दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं। गेमिंग के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि गेमिंग करनी है तो वह रामायण, पंचतंत्र जैसे प्रेरणादायक विषयों पर आधारित हो, जिससे बच्चों में संस्कार और रचनात्मकता का विकास हो। उन्होंने कहा कि आज यहां आयोजित प्रदर्शनी के दौरान बच्चों की रचनात्मक क्षमताएं देखने को मिलीं।
राज्यपाल जी ने ‘मां के नाम पेड़’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि मां को सम्मान देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर स्कूल केे अध्यापक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
