राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने आईसीएमआर–नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस (ICMR–NIRDHDS) तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के सहयोग से आईआईटी कानपुर परिसर में फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन फॉर हेल्थकेयर का आयोजन किया। यह राष्ट्रीय स्तर की पहल भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए सुरक्षित एवं विस्तार योग्य (स्केलेबल) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समाधानों को विकसित करने के उद्देश्य से की गई है।
फेडरेटेड इंटेलिजेंस हैकाथॉन फॉर हेल्थकेयर की शुरुआत 19 जनवरी 2026 को हुई। हैकाथॉन सप्ताह (19–23 जनवरी 2026) के दौरान आईआईटी कानपुर में गहन तकनीकी विकास, मेंटरिंग और मूल्यांकन गतिविधियाँ आयोजित की गईं। 23 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुए दो दिवसीय ऑन-साइट कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, स्टार्ट-अप्स और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहाँ विशेषज्ञ सत्र, तकनीकी प्रस्तुतियाँ और पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं।
सत्रों की शुरुआत गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख प्रो. संदीप वर्मा के मुख्य भाषण से हुई। उन्होंने एआई-सक्षम स्वास्थ्य नवाचार को आगे बढ़ाने में अंतर्विषयी (इंटरडिसिप्लिनरी) शोध की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. वर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्वास्थ्य एआई में सार्थक प्रगति केवल चिकित्सा, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और नीति के एकीकरण से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए सतत एवं प्रभावी स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण हेतु यह समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
इसके बाद प्रो. फणीन्द्र कुमार यालावर्थी, चीफ पीएम, TANUH, आईआईएससी बेंगलुरु द्वारा तकनीकी सत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें पारंपरिक मशीन लर्निंग विधियाँ, एआई प्रणालियों का क्लिनिकल मूल्यांकन तथा स्वास्थ्य सेवाओं में तैनाती से जुड़े नियामक पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा,
“स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई नियम-आधारित प्रणालियों से आगे बढ़कर डेटा-आधारित लर्निंग तक विकसित हो चुका है, जहाँ डीप लर्निंग मेडिकल इमेज सेगमेंटेशन जैसे जटिल कार्यों के लिए स्वायत्त फीचर खोज को सक्षम बनाती है। बायस–वेरिएंस संतुलन बनाए रखते हुए, रिग्रेशन, एसवीएम और रेग्युलराइजेशन जैसी विधियों के माध्यम से हम मजबूत, विश्वसनीय और क्लिनिकली टिकाऊ डिजिटल हेल्थ समाधान विकसित कर सकते हैं।”
कार्यक्रम में गूगल हेल्थ एआई और वाधवानी फाउंडेशन द्वारा एक लाइव हेल्थ एआई डेमो का भी आयोजन किया गया, जिसे वाधवानी फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट – एआई प्लेटफॉर्म, मनीष कुमार ने प्रस्तुत किया।
स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन (HTA) फॉर एल्गोरिदम तथा भारत में हेल्थ एआई के लिए डेटा सोर्सिंग पर आयोजित पैनल चर्चाओं में सरकार, उद्योग और अकादमिक जगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इनमें सैमसंग इंडिया, गूगल हेल्थ एआई, CoRover.ai, ArtPark@IISc और नीति आयोग के प्रतिनिधि शामिल थे। चर्चाओं में वैलिडेशन प्रक्रियाओं, नियामक तत्परता, डेटा मानकीकरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में एआई टूल्स के बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया गया।
डोमेन-विशिष्ट सत्रों में नेत्र विज्ञान, बोन एज डिटेक्शन और कम्प्यूटेशनल पैथोलॉजी से संबंधित डेटासेट्स और एआई उपयोग मामलों को प्रस्तुत किया गया, जिससे जनसंख्या स्तर पर स्क्रीनिंग और डायग्नॉस्टिक्स के उभरते अवसरों को रेखांकित किया गया। तकनीकी कार्यक्रम का समापन आईआईटी कानपुर के प्रो. निशीथ श्रीवास्तव द्वारा स्वास्थ्य सेवा में जिम्मेदार एआई तैनाती पर दिए गए संबोधन के साथ हुआ।
इस हैकाथॉन को कुल 191 पंजीकरण प्राप्त हुए, जिनमें 76 व्यक्तिगत प्रतिभागी और 115 टीमें शामिल हैं। यह भागीदारी हेल्थ-टेक स्टार्ट-अप्स, एआई/एमएल शोधकर्ताओं एवं डेवलपर्स, चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों की व्यापक राष्ट्रीय सहभागिता को दर्शाती है। यह सहयोग आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी पहलों के माध्यम से एनएचए के डिजिटल हेल्थ और गवर्नेंस दृष्टिकोण, ICMR–NIRDHDS की क्लिनिकल रिसर्च और डेटा साइंस विशेषज्ञता तथा आईआईटी कानपुर की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और फेडरेटेड सिस्टम्स में उन्नत क्षमताओं को एक साथ लाता है। इसका साझा उद्देश्य हेल्थ एआई टूल्स की डेटा तत्परता, वैलिडेशन फ्रेमवर्क और क्लिनिकल उपयोगिता को सुदृढ़ करना है।
हैकाथॉन का कुल पुरस्कार राशि ₹12 लाख है। पोस्ट-हैकाथॉन मूल्यांकन और पुरस्कार वितरण समारोह क्रमशः 23 और 24 जनवरी 2026 को आयोजित किए जाएंगे। 23 जनवरी 2026 को हुई चर्चाओं में बड़े पैमाने पर हेल्थ एआई के वैलिडेशन से जुड़ी मूलभूत चुनौतियों के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया गया। 24 जनवरी 2026 को निर्धारित कार्यक्रमों में नीति-स्तरीय विमर्श, जिम्मेदार एआई फ्रेमवर्क, प्राथमिक स्वास्थ्य उपयोग मामलों में हैकाथॉन की शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों की प्रस्तुतियाँ, हैकाथॉन विजेताओं की घोषणा, प्रमाणपत्र वितरण तथा समापन सत्र शामिल होंगे।


