ओमप्रकाश श्रीवास्तव
बाराबंकी। राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों से निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली किए जाने के आरोप सामने आए हैं। इसे लेकर यू पी एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफीसर्स एसोसिएशन, बाराबंकी के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ल ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ को पत्र भेजकर आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए शुल्क निर्धारण कराने और उसका विवरण विद्यालयों की दीवारों पर अंकित कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि कई अभिभावकों ने संगठन को अवगत कराया है कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा शासन से निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त वृक्षारोपण शुल्क, पीटीए शुल्क, साइकिल स्टैंड शुल्क और साहित्य शुल्क जैसे अन्य मदों में धन की वसूली की जा रही है, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
2014 के आदेश का दिया हवाला
जिलाध्यक्ष ने अपने पत्र में शिक्षा निदेशक के कार्यालय से वर्ष 2014 में जारी उस आदेश का भी उल्लेख किया है, जिसमें तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा राजकीय विद्यालयों में 18 मदों के अंतर्गत शुल्क निर्धारण किया गया था। इसके बावजूद वर्तमान में कई विद्यालयों में उक्त आदेश का पालन नहीं हो पा रहा है।
पारदर्शिता के लिए दीवारों पर शुल्क सूची की मांग
संगठन ने मांग की है कि जिला विद्यालय निरीक्षक, बाराबंकी को निर्देश जारी कर आगामी सत्र में छात्रों से लिए जाने वाले शुल्क का पुनः निर्धारण कराया जाए तथा निर्धारित शुल्क की सूची विद्यालय परिसर की दीवारों पर पेंट कराई जाए, ताकि अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके और अतिरिक्त वसूली पर प्रभावी रोक लग सके।
