ब्यूरो ओमप्रकाश श्रीवास्तव
बाराबंकी । जनपद के त्रिवेदीगंज स्थित पशु चिकित्सालय में मवेशियों के लिए आई लाखों रुपये की दवाएं समय पर वितरित न होने के कारण एक्सपायर हो गईं। अस्पताल कर्मचारियों ने इन दवाओं को जला दिया, जिससे प्रदूषण फैलने के साथ ही पशुपालन विभाग की लापरवाही उजागर हुई है।
जानकारी के अनुसार, ये दवाएं पशुपालकों तक नहीं पहुंच पाईं और चिकित्सालय में रखी-रखी ही उनकी समय-सीमा समाप्त हो गई। दवाओं को जलाने की घटना ने विभाग के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और पशुपालकों का आरोप है कि पशु चिकित्सालय अक्सर समय से पहले बंद हो जाता है। उनका यह भी कहना है कि पशु चिकित्साधिकारी इंदुबाला अक्सर अस्पताल में अनुपस्थित रहती हैं, जिसके कारण पशुपालक सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
पखरपुर निवासी विनोद शुक्ला ने कहा, “जब पशु अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं रहते, तो दवाओं का वितरण कौन करेगा? दवाएं तो एक्सपायर होंगी ही।” विनोद शुक्ला के साथ रत्नाकर मिश्रा, अरविंद वर्मा और क्रिसन रावत ने पूरे मामले की गहन जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जब पशु चिकित्साधिकारी इंदुबाला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन नहीं उठा। वहीं, जिला पशु चिकित्साधिकारी अतुल अवस्थी ने बताया कि मामले की जांच करवाई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
