राठ/हमीरपुर। जनपद के विकासखंड राठ की ग्रामपंचायतों में भी मनरेगा (वीबी जीरामजी योजना) कार्यों में फर्जीवाड़ा चरम पर है। जहां मस्टर रोल में हाजिरी महिलाओं की दर्ज की गई जबकि फोटो में एक भी महिला नहीं दिखाई दे रही और एक ही फोटो को कई बार अपलोड करके व फर्जी हाजिरी दिखाकर मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है। निगरानी करने वाले बीडीओ, एपीओ सहित जिम्मेदार उच्चाधिकारी भी इससे अंजान है। मनरेगा वेबसाइट के अनुसार दिनांक 13/01/2026 को राठ विकासखंड की 12 ग्राम पंचायतों के 30 कार्यों के 107 मस्टर रोलों में 953 मजदूरों का डेटा अपलोड हुआ। मंगलवार को ग्राम पंचायत बसेला में बंबा के पास मुल्लीधर के खेत से राजवती के खेत तक चकमार्ग निर्माण व अन्य कार्यों में 162 मजदूर को कार्य करते दिखाया गया है। इस काम के लिए बने एक मस्टररोल में 6 महिला और 4 पुरुष की हाजिरी दिखाई गई परन्तु अपलोड फोटो में एक भी महिला दूर दूर तक नजर नहीं आ रही है। फोटो में सभी मजदूर खाली हाथ दिख रहे है , किसी के हाथ में फावड़ा, कुदाल, तशला या खुदाई का कोई सामान तक नहीं है। जिससे इन फोटो की वास्तविकता पर सवाल उठता है। धरातल पर कार्य नजर नहीं आता, लेकिन मजदूरों की मजदूरी फर्जी तरीके से निकालकर उसे डकारने का काम किया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत मझगवां में 231 मजदूर , सैदपुर में 134, कुररा में 105 दिखाए गए। यही हाल मझगवां , नौरंगा, गोहानी, सहित लगभग सभी ग्राम पंचायतों का है जहां ज्यादातर कामों में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत स्तर के कार्मिकों की मिलीभगत से हो रहा है। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस फर्जीवाड़े और कागजी मजदूरों के खेल पर क्या रुख अपनाता है? क्या दोषियों पर गाज गिरेगी या मामला फाइलों में दफन हो जाएगा?
इस संबंध में जब खण्ड विकास अधिकारी राठ से बात की गई वे इन सब से अंजान दिखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास सर्वे में उनकी ड्यूटी थी, कार्यालय दो दिन से बंद था इसीलिए उन्हें जानकारी नहीं, जानकारी करवाकर जांच करवाते है।
