जिला कारागार हमीरपुर में बंदीगण के अधिकारों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन संपन्न

 

संवाददाता हमीरपुर। न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक मानवीय, पारदर्शी तथा न्यायोचित बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा जिला कारागार, हमीरपुर में विगत दिवस एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की गरिमामयी अध्यक्षता न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता जी, उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने की। कार्यक्रम का संचालन सचिव, महेन्द्र कुमार पाण्डेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा किया गया। जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारीगण, जिला कारागार के सभी अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण की गरिमामय उपस्थिति में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कारागार में बन्दीगण को उनके मौलिक अधिकारों, विधिक सहायता की प्रक्रियाओं तथा उपलब्ध सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना था। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन किया गया, जिसमें बंदीगणों को उनके अधिकारों जैसे पैरोल, फर्लो, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधाएं, परिवार से संपर्क तथा पुनर्वास संबंधी जानकारी प्रदान की गई। न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि “कारागार सुधार केवल भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदीगण को उनके विधिक अधिकारों का पूर्ण ज्ञान प्रदान करना भी उतना ही आवश्यक है। विधिक जागरूकता ही न्याय व्यवस्था की मजबूती का आधार है।” उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण भी किया तथा वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सचिव महेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा स्वागत भाषण देते हुए बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बंदीगणों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने NALSA की योजनाओं जैसे “परिवार परामर्श केन्द्र”, “मुकद्दमेबाजों के लिए विधिक सहायता” तथा “कारागार सुधार कार्यक्रम” का विस्तार से उल्लेख किया। कार्यक्रम में जनपद न्यायालय के जनपद न्यायाधीश मनोज कुमार राय, जनपद न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, ज्ञान प्रकाश सिंह, अपर जनपद न्यायाधीश-प्रथम, उदय वीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एस0सी0/एस0टी0 एक्ट) रनवीर सिंह, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (द0प्र0क्ष0) अनिल कुमार खरवार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, विनय कुमार सिह-IV, उपस्थित रहे। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम, अपर जिलाधिकारी व जिला कारागार अधीक्षक आनंद, डिप्टी जेलर, देवेन्द्र कुमार दुबे व पवन कुमार तथा समस्त कारागार कर्मचारीगण ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
माननीय अतिथिगणों ने अपने-अपने उद्बोधनों में बंदीगणों के अधिकारों पर प्रकाश डाला। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महेन्द्र कुमार पाण्डेय व चीफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम, आनंद कुमार सक्सेना, ने “बंदीगण के अधिकार: कानूनी प्रावधान एवं प्राप्ति के उपाय” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 436-450 (जमानत एवं पैरोल संबंधी प्रावधान), तथा जेल मैनुअल के नियमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक बंदीगणों ने भाग लिया। प्रत्येक बंदी को उनके मामले की स्थिति, अपील दाखिल करने की प्रक्रिया तथा पैरोल हेतु जानकारी दी गई।
यह कार्यक्रम न केवल बंदीगणों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध हुआ, बल्कि समग्र न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा ऐसे कार्यक्रमों का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर द्वारा किया गया।

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