फार्मर रजिस्ट्री न कराने से सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं किसान,यूनिक आईडी जेनरेट से कई लाभ- जिलाधिकारी

 

 

मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने जनपद में फार्मर रजिस्ट्री की अद्यतन प्रगति की जानकारी हेतु जनपद मुख्यालय कृषि भवन में स्थापित कंट्रोल रूम का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास खण्डों के ग्राम पंचायतो में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति के बारे में जानकारी ली।उन्होंने वहां पर तैनात कर्मचारियों को उन किसानों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए जिनकी फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने में कोई तकनीकी समस्या नहीं है। इसके अलावा प्रतिदिन लगभग 3000 फार्मर रजिस्ट्री कराए जाने का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए।इसके लिए उन्होंने अपर जिला कृषि अधिकारी और एडीओ पंचायत को ब्लॉक स्तर पर साथ मिलकर काम करने को भी कहा। कंट्रोल रूम को प्रभावी बनाने हेतु कार्मिकों को प्रशिक्षित करने के भी निर्देश दिए,जिससे फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति पर प्रभावशाली निगरानी रखते हुए इस कार्य में तेजी लाई जा सके।
वर्तमान में जनपद के कुल 306603 किसान भारत सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जिनमें से सत्यापन के उपरांत 285051 लोगों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले लोगों में से कुल 154490 लोगों का फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है, जो कुल का 54.20% है। इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि न पाने वाले शेष किसानों में से 17764 लोगों का भी फॉर्म रजिस्ट्री हो चुका है। इस प्रकार जनपद में कुल 172154 लोगों की यूनिक आईडी जेनरेट की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री कराने के लाभों को बताते हुए कहा कि इससे किसान की बिखरी हुईं जोत एक यूनिक आईडी पर शो करेगी। उनके सारी खतौनी का विवरण एक जगह उपलब्ध होगा। इसके अलावा सरकार द्वारा जारी की जाने वाली योजनाओं में भी सहायता मिलेगी। जिन किसानों का फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगा, भविष्य में वे फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आदि से वंचित भी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि यूनिक आईडी जेनरेट होने के उपरांत केसीसी बनवाने में आसानी रहेगी। साथ ही बैंकिंग लोन लेने में भी सहूलियत हो जाएगी तथा प्रक्रिया बिल्कुल ही आसान हो जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री होने के उपरांत किसी भी तरह की सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे सरकारी योजनाओं से तत्काल लाभ किसान उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीज एवं खाद प्राप्त करने में भी किसानों को इससे सहूलियत मिलेगी तथा रबी एवं खरीफ फसल को क्रय केंद्रों पर बेचने में भी किसान को अत्यंत सहूलियत मिलेगी। उन्होंने जनपद के समस्त किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील भी की, जिससे उन्हें इससे मिलने वाले लाभ मिल सके। प्रदेश के कुछ जनपदों में पंजीकृत किसानों के सापेक्ष 80 फीसदी से ज्यादा किसानों का फार्मर रजिस्ट्री हो चुका है। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत कर्मचारिओ से समन्वय स्थापित करते हुए इस कार्य में तेजी लाने को भी कहा, जिससे समस्त किसानों का यूनिक आईडी नंबर जारी हो सके तथा किसान फार्मर रजिस्ट्री से मिलने वाले लाभों से लाभान्वित हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *